भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को बैंकॉक से आए तीन यात्रियों के पास से लगभग तीन करोड़ रुपये की कीमत का गांजा बरामद होने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी नशीले पदार्थ को खाने-पीने की वस्तुओं के पैकेट, सामान के बैग और चॉकलेट के पैकेटों में छिपाकर भारत लाने का प्रयास कर रहे थे। तीनों यात्री इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ान से सुबह करीब साढ़े पांच बजे भुवनेश्वर पहुंचे थे। डीआरआई अधिकारियों ने संदेह के आधार पर जांच करते हुए नशीले पदार्थ की खेप जब्त की और तीनों यात्रियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस खेप को भुवनेश्वर से सड़क मार्ग के जरिए कोलकाता पहुंचाने की योजना थी।

बैंकॉक से सुबह साढ़े पांच बजे पहुंचे थे यात्री

प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों संदिग्ध यात्री मंगलवार सुबह बैंकॉक से इंडिगो की उड़ान के जरिए बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।

हवाई अड्डे पर उनके सामान की जांच के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी का संदेह सामने आया। इसके बाद राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने यात्रियों के सामान की जांच की।

जांच के दौरान बैग और खाद्य पदार्थों के पैकेटों में छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री बरामद हुई।

अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर इसे गांजा बताया है। बरामद खेप की अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।

हालांकि, जब्त किए गए नशीले पदार्थ के कुल वजन और उसकी विस्तृत रासायनिक जांच से संबंधित आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

चॉकलेट और खाने-पीने के पैकेटों में छिपाया गांजा

इस मामले में तस्करी के लिए अपनाए गए कथित तरीके ने जांच एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध यात्रियों ने गांजे को सामान्य खाद्य पदार्थों और चॉकलेट के पैकेटों में छिपाकर रखा था।

इसके अलावा सामान के बैग में भी नशीले पदार्थ को छिपाए जाने की बात सामने आई है।

इस तरह की पैकिंग के जरिए नशीले पदार्थों को सामान्य सामान के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किए जाने की आशंका है।

डीआरआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि पैकेटों की तैयारी किसने की थी और यात्रियों को यह सामान कहां से उपलब्ध कराया गया था।

तीन यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ

नशीले पदार्थों की खेप बरामद होने के बाद डीआरआई ने तीनों यात्रियों को हिरासत में ले लिया।

अधिकारियों द्वारा उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तस्करी की इस कोशिश में उनकी क्या भूमिका थी।

जांच एजेंसियां यह भी जानने का प्रयास कर रही हैं कि यात्रियों ने स्वयं इस सामग्री की खरीदारी की थी या उन्हें किसी अन्य व्यक्ति अथवा गिरोह ने सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी।

फिलहाल हिरासत में लिए गए यात्रियों के नाम, पते और अन्य व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि तीनों यात्रियों के खिलाफ औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की गई है या नहीं।

कोलकाता पहुंचाई जानी थी गांजे की खेप

डीआरआई की शुरुआती जांच में यह आशंका सामने आई है कि बरामद गांजे को भुवनेश्वर से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचाया जाना था।

बताया जा रहा है कि नशीले पदार्थों की खेप को सड़क मार्ग से कोलकाता भेजने की योजना बनाई गई थी।

हालांकि, यह जानकारी अभी जांच के प्रारंभिक चरण में है। खेप का अंतिम गंतव्य और उसे प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच एजेंसियां अब संभावित अंतरराज्यीय संपर्कों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं।

यदि खेप को वास्तव में कोलकाता भेजने की योजना थी, तो इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच तेज

बैंकॉक से गांजे की खेप बरामद होने के बाद जांच एजेंसियों के सामने इसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाने की चुनौती है।

डीआरआई यह जानने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध सामग्री की खरीद और परिवहन में किन लोगों की भूमिका थी।

इसके अलावा भारत में इस खेप को प्राप्त करने वाले संभावित लोगों की पहचान भी महत्वपूर्ण होगी।

अधिकारियों को आशंका है कि हिरासत में लिए गए यात्री किसी बड़े नशीले पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

हालांकि, किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

तीन दिन पहले भी पकड़ी गई थी करोड़ों की खेप

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का यह पहला मामला नहीं है।

इससे पहले 17 अक्टूबर 2026 को डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए चार यात्रियों के पास से 5.291 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया था।

उस खेप की अनुमानित कीमत लगभग 1.85 करोड़ रुपये बताई गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, तीन यात्रियों के बैग में बनाए गए विशेष छिपे हिस्सों से 4.877 किलोग्राम संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ था। वहीं, चौथे यात्री के सामान में डॉग फूड के डिब्बे में छिपाकर रखी गई लगभग 414 ग्राम सामग्री मिली थी।

इस मामले में चार यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।

एयरपोर्ट पर बढ़ाई जा रही निगरानी

भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर लगातार सामने आ रहे नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है।

डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों तथा उनके सामान की जांच के माध्यम से तस्करी रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

विशेष रूप से संदिग्ध सामान और छिपाकर लाई जाने वाली सामग्री की पहचान पर जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की अवैध आपूर्ति के लिए न किया जा सके।

एनडीपीएस कानून के तहत हो सकती है कार्रवाई

भारत में गांजे और अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, परिवहन तथा व्यापार पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम, 1985 के तहत कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।

इस कानून के तहत नशीले पदार्थों की प्रकृति, मात्रा और संबंधित अपराध की परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

मामले में जांच एजेंसियां बरामद पदार्थ की प्रकृति और संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका का परीक्षण करेंगी।

यदि जांच में अवैध तस्करी की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

तस्करी के स्रोत और अंतिम ठिकाने का पता लगाने की कोशिश

डीआरआई के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि लगभग तीन करोड़ रुपये की गांजे की खेप किसने भेजी थी और भारत में इसे किसे सौंपा जाना था।

जांच एजेंसियां हिरासत में लिए गए यात्रियों से पूछताछ के जरिए इन सवालों का जवाब तलाश रही हैं।

इसके अलावा इस बात की भी जांच आवश्यक है कि क्या इसी तरह पहले भी नशीले पदार्थों की खेप भारत लाई गई थी।

बैंकॉक से आने वाली उड़ानों में हाल के दिनों में गांजे की कई बरामदगियां सामने आने के कारण अंतरराष्ट्रीय तस्करी के संभावित नेटवर्क पर जांच एजेंसियों का ध्यान केंद्रित है।

तीन करोड़ की जब्ती से तस्करी पर बड़ा प्रहार

भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किए जाने को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

डीआरआई ने तीन यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। प्रारंभिक जांच में खेप को सड़क मार्ग से कोलकाता पहुंचाने की आशंका सामने आई है।

हालांकि, नशीले पदार्थों का वास्तविक स्रोत, अंतिम गंतव्य और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आ सकेगा कि यह तस्करी की अलग घटना थी या किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा।

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