भुवनेश्वर। ओडिशा में विजयादशमी और दशहरा का त्योहार पूरी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर, राज्यपाल ब्रज मोहन राम, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य प्रमुख नेताओं ने राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेशों में, इन नेताओं ने समाज में शांति, भाईचारे, सद्भाव और समृद्धि की कामना की और दशहरा को सत्य, धर्म और न्याय की जीत का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्योहार लोगों को अच्छाई के रास्ते पर चलने और बुराई के खिलाफ एकजुट रहने की प्रेरणा देता है। राज्यपाल ने देवी दुर्गा से सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
राज्यपाल ब्रज मोहन राम ने विजयादशमी के अवसर पर राज्य के नागरिकों को बधाई देते हुए सभी के सुखद और समृद्ध जीवन की कामना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किए गए अपने संदेश में, उन्होंने देवी दुर्गा से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से हर व्यक्ति के जीवन में शांति, खुशी और समृद्धि आए। राज्यपाल के संदेश में इस त्योहार के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव की भावना भी झलकती है। विजयादशमी का त्योहार न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह लोगों को सकारात्मकता, नैतिकता और आपसी सम्मान के लिए प्रेरित करने का भी एक अवसर है। मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह सत्य और न्याय की जीत का त्योहार है।
दशहरा और विजयादशमी पर राज्य की जनता को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस त्योहार के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की जीत का एक महान त्योहार है। अपने शुभकामना संदेश में, मुख्यमंत्री ने कामना की कि सभी नागरिकों पर माँ दुर्गा का आशीर्वाद बना रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार हर परिवार के जीवन में खुशहाली, शांति और समृद्धि लेकर आएगा।
मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण त्योहार बताया। उनके अनुसार, देवी दुर्गा शक्ति और नारी-शक्ति की प्रतीक हैं। यह त्योहार लोगों के बीच आस्था, सकारात्मक सोच और आपसी एकता की भावना को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने बारिश से प्रभावित किसानों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। इस बार, मुख्यमंत्री माझी ने त्योहार के मौके पर किसानों की समस्याओं का भी जिक्र किया। राज्य के कई इलाकों में बेमौसम और लगातार भारी बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित किसानों के प्रति संवेदना जताते हुए, मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा का त्योहार सादगी से मनाने का फैसला किया।
उन्होंने सार्वजनिक पूजा पंडालों में न जाने और बड़ी भीड़-भाड़ से दूरी बनाए रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता मुश्किल दौर से गुजर रहे किसानों के साथ खड़े होना है।
उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई किसान परिवारों को फसलों के नुकसान की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ओडिशा में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है।
ओडिशा में दुर्गा पूजा और विजयादशमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। नवरात्रि के दौरान, भक्त देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता दुर्गा ने महिषासुर का वध करके धर्म की स्थापना की थी। इसी तरह, रावण पर भगवान श्री राम की जीत को भी दशहरे से जोड़कर देखा जाता है। त्योहार के मौके पर कई जगहों पर पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। दुर्गा पूजा के समापन पर प्रतिमा विसर्जन की परंपरा भी निभाई जाती है।
एकता और सद्भाव का संदेश
राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के शुभकामना संदेशों में सत्य, न्याय, शांति और समृद्धि की भावनाएं प्रमुख रहीं। इन नेताओं ने अपने-अपने संदेशों के जरिए इस त्योहार के धार्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। विजयादशमी का त्योहार समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एकता, सहयोग और भाईचारे की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस मौके पर राज्य के नागरिकों के सुखद भविष्य और ओडिशा की समृद्धि के लिए शुभकामनाएं दी गईं।