ओडिशा में बड़ी कार्रवाई, जंगल में छिपाकर रखी एक करोड़ से ज्यादा की गांजा खेप जब्त
गजपति। ओडिशा के गजपति जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में जंगल में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में गांजे की खेप बरामद की गई है। जब्त गांजे की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। रविवार को मिली सूचना के बाद आदवा थाना पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने गुलुबा पंचायत के अंतर्गत आने वाले गालिमेरा गांव के पास स्थित घने जंगल में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को जंगल में छिपाकर रखी गई गांजे की बड़ी खेप मिली। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 10 क्विंटल 75 किलोग्राम गांजा बरामद किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गांजे को तस्करों ने 43 बोरियों में भरकर जंगल के अंदर छिपाकर रखा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस खेप को दूसरे राज्यों में भेजने की तैयारी की जा रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अक्सर पुलिस की नजर से बचने के लिए जंगल और दुर्गम इलाकों का इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह इस बार भी गांजे को घने जंगल में छिपाया गया था।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान गांजे की खेप तो बरामद कर ली गई, लेकिन मौके से किसी तस्कर की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा किस गिरोह का था और इसे किन राज्यों में भेजने की योजना बनाई गई थी।
जांच एजेंसियां गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेप को जंगल तक पहुंचाने और छिपाने में कितने लोग शामिल थे।
गजपति जिला ओडिशा के उन इलाकों में शामिल है, जहां से समय-समय पर मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा बल ऐसे इलाकों में लगातार अभियान चलाकर तस्करों पर कार्रवाई करते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरामद गांजे को पुलिस ने जब्त कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जब्त सामग्री की कीमत और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस की ओर से मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। इसी के आधार पर समय-समय पर बड़ी खेप पकड़ी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय तस्करी की एक बड़ी कोशिश को रोका गया है। अब जांच का मुख्य फोकस इस नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचना है।
अधिकारियों के अनुसार, तस्करी के इस मामले में शामिल आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा सकता है।
फिलहाल गजपति पुलिस की इस कार्रवाई को गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। जंगल से बरामद हुई इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की खेप ने एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी है और जल्द ही तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।