भद्रक। ओडिशा के भद्रक जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बैतरणी और सालंदी नदियों का जलस्तर अपने-अपने खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। दोनों नदियों में बढ़ते पानी के कारण जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। कई ब्लॉक, नगर क्षेत्र के वार्ड और पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जबकि कई मोहल्ले पानी से घिर गए हैं।

अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। यहां नदी के लिए खतरे का निशान 18.33 मीटर है, जबकि बैतरणी का पानी 18.74 मीटर तक पहुंच गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

बैतरणी नदी में बढ़े पानी का असर भद्रक जिले के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। जिले के भंडारीपोखरी, धामनगर, तिहिडी और चांदबली ब्लॉक बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी फैलने के कारण स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

बैतरणी के साथ ही सालंदी नदी भी उफान पर है। राजघाट पर सालंदी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है। यहां नदी का खतरे का निशान 17 फीट है, जबकि जलस्तर 19.50 फीट दर्ज किया गया है।

इस तरह सालंदी नदी खतरे के निशान से 2.50 फीट ऊपर बह रही है। नदी में बढ़े पानी के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। सालंदी का पानी नगर क्षेत्र के कई हिस्सों में फैल गया है।

सालंदी नदी के बाढ़ के पानी से नगर निगम क्षेत्र के 13 वार्ड प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा सात पंचायतें भी जलमग्न हो गई हैं। कई मोहल्लों के चारों तरफ पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण भद्रक जिले के निचले इलाकों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। पानी फैलने के साथ ही कई रास्तों और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास जलभराव हो गया है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भंडारीपोखरी ब्लॉक में बैतरणी नदी के बढ़ते पानी का असर दिखाई दे रहा है। इसी तरह धामनगर के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी पहुंचा है। तिहिडी और चांदबली ब्लॉक भी बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं।

एक साथ दो प्रमुख नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण जिले में बाढ़ की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। बैतरणी और सालंदी दोनों नदियों के आसपास बड़ी संख्या में गांव और बस्तियां स्थित हैं। ऐसे में पानी बढ़ने पर निचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का असर दिखाई देता है।

अखुआपाड़ा में बैतरणी का जलस्तर 18.74 मीटर दर्ज किया गया है। यह 18.33 मीटर के खतरे के निशान से 0.41 मीटर अधिक है। नदी का पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

वहीं राजघाट पर सालंदी नदी की स्थिति और गंभीर है। नदी का पानी 19.50 फीट पर बह रहा है, जबकि यहां खतरे का निशान 17 फीट है। खतरे के स्तर से काफी ऊपर बह रही सालंदी ने आसपास के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को प्रभावित किया है।

नगर क्षेत्र के 13 वार्डों में पानी पहुंचने से बड़ी संख्या में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई मोहल्लों में चारों तरफ पानी होने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। सात पंचायतों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच अब सबसे ज्यादा नजर पानी के आगे के रुख पर है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो निचले क्षेत्रों में बाढ़ का दायरा बढ़ सकता है। वहीं पानी कम होने पर प्रभावित इलाकों को राहत मिलनी शुरू होगी।

भद्रक जिले में बाढ़ का असर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सालंदी नदी के पानी ने जहां नगर क्षेत्र के वार्डों को प्रभावित किया है, वहीं बैतरणी के बढ़ते जलस्तर से चार ब्लॉक प्रभावित हुए हैं।

बाढ़ के पानी से घिरे मोहल्लों में लोगों के लिए आवाजाही बड़ी चुनौती बन गई है। सड़क और गलियों में पानी भरने से सामान्य आवागमन प्रभावित हो सकता है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।

बाढ़ की स्थिति में पानी के साथ आसपास के क्षेत्रों में जलभराव लंबे समय तक रहने की आशंका भी रहती है। ऐसे में नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी निचले इलाकों से पानी निकलने में समय लग सकता है।

भंडारीपोखरी, धामनगर, तिहिडी और चांदबली में बाढ़ का प्रभाव सामने आने के बाद इन क्षेत्रों में नदी के जलस्तर पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है। इसी तरह सालंदी नदी से प्रभावित नगर क्षेत्र के 13 वार्ड और सात पंचायतों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

भद्रक जिले के लिए बैतरणी और सालंदी दोनों नदियों का एक साथ खतरे के निशान के ऊपर होना चिंता बढ़ाने वाला है। अखुआपाड़ा में बैतरणी 18.74 मीटर पर बह रही है, जबकि उसका खतरे का निशान 18.33 मीटर है। दूसरी तरफ राजघाट पर सालंदी नदी 17 फीट के खतरे के स्तर के मुकाबले 19.50 फीट तक पहुंच चुकी है।

नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई मोहल्ले पानी से घिरे हुए हैं और निचले इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। अब नदी के जलस्तर में कमी आने पर ही प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।

फिलहाल भद्रक में बैतरणी और सालंदी नदी की स्थिति पर सबसे ज्यादा नजर है। दोनों नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण जिले के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं। आने वाले समय में जलस्तर का रुख यह तय करेगा कि प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का दबाव कम होता है या इसका दायरा और बढ़ता है।

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