ओडिशा को पूर्वी तट का प्रमुख इंडस्ट्रियल हब बनाने पर जोर, CM का गुजरात दौरा
Odisha ओडिशा: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने गुजरात के तीन दिवसीय दौरे के दौरान पूर्वी समुद्री तट पर औद्योगिक विकास को तेज करने पर जोर दिया है। उन्होंने ओडिशा को देश की अगली औद्योगिक विकास लहर के लिए एक प्राकृतिक गेटवे के रूप में प्रस्तुत करते हुए निवेश और नीति सहयोग को बढ़ाने की अपील की।
गुजरात दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री माझी ने मुंद्रा पोर्ट का दौरा किया और वहां मौजूद उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति एक दिशा तक सीमित नहीं रह सकती और औद्योगिक विस्तार का अगला चरण पूर्वी तट से आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश का पश्चिमी तट पहले ही समुद्री व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन चुका है, लेकिन अब पूर्वी तट एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा इस बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसके लिए आवश्यक इकोसिस्टम, कनेक्टिविटी और नीति समर्थन उपलब्ध कराता है।
मोहन माझी ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिमी तट पर जो औद्योगिक विकास और सफलता मिली है, उसे अब पूर्वी तट पर भी दोहराया और आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि ओडिशा इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने ओडिशा की भौगोलिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य की साउथ-ईस्ट एशिया, ईस्ट एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र तक रणनीतिक पहुंच इसे वैश्विक व्यापार व्यवस्था में एक मजबूत स्थान प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सप्लाई चेन परिदृश्य में ओडिशा की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने ‘टू-कोस्ट स्ट्रैटेजी’ का सुझाव भी दिया। इस रणनीति के तहत उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे पश्चिमी और पूर्वी दोनों समुद्री तटों पर अपने ऑपरेशनों को जोड़ें और एकीकृत करें। उनका कहना था कि इससे पश्चिमी तट की मौजूदा मजबूती का लाभ भी मिलेगा और पूर्वी तट के नए अवसरों को भी विकसित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत के संतुलित औद्योगिक विकास के लिए जरूरी है कि पूर्वी भारत को भी उसी स्तर पर विकसित किया जाए जैसा पश्चिमी तट पर हुआ है। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से ओडिशा में अधिक निवेश करने की अपील की।
इस दौरे को ओडिशा सरकार की औद्योगिक रणनीति और निवेश आकर्षित करने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य सरकार पूर्वी तट को एक बड़े औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई नई पहल कर सकती है।