नए साल 2026 पर पुरी श्रीमंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब, बालागांडी तक लगी लंबी कतारें
Puri पुरी। नए साल 2026 के अवसर पर ओडिशा के प्रसिद्ध पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। 1 जनवरी की सुबह से ही नहीं, बल्कि बीती रात से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं की कतारें श्रीमंदिर से लेकर बालागांडी तक फैल गईं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। नए वर्ष की शुरुआत भगवान जगन्नाथ के दर्शन से करने की आस्था के चलते ओडिशा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे। आधी रात के बाद से ही मंदिर के बाहर भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती गई। सुबह होते-होते हालात ऐसे हो गए कि मंदिर के सभी प्रवेश मार्गों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा, बावजूद इसके भक्तों के उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नजर नहीं आई।
मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि कतारें व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सकें। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही थी। प्रशासन के अनुसार, नए साल के मौके पर किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से ही विशेष योजना बनाई गई थी। मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी। वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर हालात की निगरानी कर रहे थे। भीड़ अधिक होने के कारण कुछ समय के लिए दर्शन की प्रक्रिया को धीमा किया गया, ताकि किसी प्रकार की भगदड़ या हादसे की स्थिति न बने।
श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन से उन्हें नए साल में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करने का अवसर मिलता है। एक श्रद्धालु ने बताया, “भले ही हमें कई घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा, लेकिन महाप्रभु के दर्शन के बाद सारी थकान दूर हो गई। नए साल की इससे अच्छी शुरुआत नहीं हो सकती। पुरी शहर में भी नए साल को लेकर खास रौनक देखने को मिली। होटल, धर्मशालाएं और लॉज पूरी तरह भरे रहे। समुद्र तट और आसपास के इलाकों में भी पर्यटकों की भीड़ रही। स्थानीय दुकानों और व्यवसायों में भी चहल-पहल बढ़ी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिला।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें। साथ ही बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है, इसलिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, नए साल 2026 के पहले दिन पुरी श्रीमंदिर में उमड़ा यह जनसैलाब भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास को दर्शाता है। भक्ति, अनुशासन और श्रद्धा के इस अद्भुत संगम ने पुरी को एक बार फिर आस्था की राजधानी बना दिया।