ओडिशा में 1,600 से अधिक पाठ्यपुस्तक त्रुटियों पर CM बड़ा बयान, जांच समिति गठित

Update: 2026-06-26 06:15 GMT

Odisha ओडिशा: कक्षा 1 से 8 तक के मानकों में 1,600 से अधिक त्रुटियां पाए जाने के मामले को राज्य सरकार ने सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह राज्य सरकार को "संभावित योजना" के रूप में बदनाम कर सकती है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले की जांच कर ली है और पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबी की संख्या कहीं अधिक सामान्य है, जो चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें सभी दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट रिवॉल्यूशनरी होगी। पहले इस समिति को 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन बाद में जांच में तेजी से रैली के लिए समय सीमा को सात दिन कर दिया गया।

ओडिशा सरकार के अनुसार, इस मामले को केवल तकनीकी लापरवाही नहीं माना जा सकता क्योंकि गरीबी की संख्या असामान्य रूप से अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण प्रकाशन एवं वितरण प्रणाली की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "पहले भी गलती हुई थी, लेकिन इस बार गलती का पैमाना असामान्य रूप से बड़ा है। मानक तैयारी करना और चपाई की पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है।"

उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों की स्थिति या भूमिका इस मामले में सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि छात्रों की शिक्षा किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को उठाने के लिए सुधारवादी कदम उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिन प्लेटों में त्रुटियां पाई गई हैं और जो पहले ही टुकड़ों में बर्तन हो गए थे, उन्हें वापस ले लिया जाएगा।

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जल्द ही स्कॉच में एक प्रभावशाली और सही संस्करण तैयार किया जाएगा, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस बीच शिक्षा विभाग ने भी संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट खाली कर दी है और पूरे सिस्टम की समीक्षा शुरू कर दी गई है। प्राथमिक स्तर के मानकों में इतनी बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं।

सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सात दिन में सभी की निगरानी वाली जांच समिति की रिपोर्ट पर नजर रखी जा रही है।

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