बालेश्वर में BDO की संवेदनशील पहल, बाढ़ पीड़ितों के लिए खुद बनाया और परोसा भोजन
बालेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक में बाढ़ की स्थिति के बीच एक प्रशासनिक अधिकारी ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। भोगराई के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए न केवल राहत व्यवस्था का जायजा लिया, बल्कि खुद खाना पकाने में मदद की और साइक्लोन शेल्टर में रह रहे लोगों को भोजन परोसा।
लगातार बारिश और सुवर्णरेखा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण भोगराई क्षेत्र के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। पिछले करीब दो हफ्तों से इलाके में लगातार बारिश हो रही है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
जानकारी के अनुसार, लो-प्रेशर सिस्टम के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश जारी है। इसका असर बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक में भी देखने को मिला है। भारी बारिश के चलते सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे नदी किनारे बसे कई गांवों में पानी भर गया।
बाढ़ के कारण कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि प्रभावित परिवार अपने घरों में खाना तक नहीं बना पा रहे हैं। मजबूरी में बड़ी संख्या में लोगों ने सुरक्षित स्थानों और साइक्लोन शेल्टर में शरण ली है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की जरूरतों का आकलन कर रहा है।
इसी दौरान भोगराई के BDO बडमंदारुनी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों से प्रभावित लोगों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल अधिकारियों को निर्देश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने राहत शिविर में खाना बनाने की व्यवस्था में भी सहयोग किया। BDO ने खुद भोजन तैयार करने में हाथ बंटाया और बाद में बाढ़ प्रभावित लोगों को खाना परोसा।
अधिकारी के इस व्यवहार ने राहत शिविर में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि आमतौर पर अधिकारी केवल व्यवस्था देखने आते हैं, लेकिन BDO ने खुद लोगों के बीच रहकर उनकी मदद की, जिससे उन्हें काफी हौसला मिला।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रभावित लोगों को केवल राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि भरोसे और सहयोग की भी जरूरत होती है। ऐसे समय में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी लोगों का मनोबल बढ़ाती है।
भोगराई क्षेत्र में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
मौसम विभाग की ओर से भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी तथा जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी होता है। अधिकारियों का जमीन पर उतरकर काम करना राहत कार्यों को प्रभावी बनाता है और लोगों में विश्वास पैदा करता है।
भोगराई BDO की यह पहल सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। लोगों ने इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ मानवीय संवेदना का उदाहरण बताया है।
फिलहाल बालेश्वर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।