जाजपुर। ओडिशा के जाजपुर जिले में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बैतरणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण दशरथपुर ब्लॉक के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही कई हफ्तों तक बाढ़ की मार झेल रहे ग्रामीण अब दोबारा जलभराव की आशंका से परेशान हैं।

बताया जा रहा है कि कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से क्योंझर जिले में हुई भारी बारिश के कारण बैतरणी नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर

रविवार दोपहर 12 बजे अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी का जलस्तर 17.82 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 18.33 मीटर है।

हालांकि अभी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते पानी ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि अगर बारिश का दौर जारी रहा तो नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

दशरथपुर में सातवीं बार बाढ़ का खतरा

दशरथपुर ब्लॉक इस मौसम में पहले ही कई बार बाढ़ का सामना कर चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सीजन में यह सातवीं बार हो सकता है जब क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो।

लगातार बाढ़ के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें पहले से बढ़ी हुई हैं। खेती, आवागमन और दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ा है।

अब नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से लोगों को डर है कि उन्हें एक बार फिर राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ सकता है।

तटबंधों की कमजोरी बनी बड़ी चिंता

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता बैतरणी नदी के तटबंधों को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर तटबंध कमजोर हो चुके हैं और उनमें पहले से दरारें मौजूद हैं।

यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो इन कमजोर हिस्सों से पानी गांवों में प्रवेश कर सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तटबंधों की निगरानी बढ़ाई जाए और कमजोर हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

कानी नदी से भी खतरा

बैतरणी नदी की एक शाखा कानी नदी भी क्षेत्र में चिंता का कारण बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि तरपाड़ा पंचायत के डोबाविल-पटना और कांटापाड़ा क्षेत्रों में मौजूद खुली दरारों से कानी नदी का बाढ़ का पानी अंदर आ सकता है।

यदि समय रहते इन दरारों को बंद नहीं किया गया तो आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

जयनतरा तटबंध में भी दरारें

बैतरणी नदी के किनारे जयनतरा के महापात्र साही इलाके में भी तटबंध में दो खुली दरारें होने की जानकारी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने पर इन दरारों के जरिए बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश कर सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की अपील की है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

किसानों की बढ़ी परेशानी

बार-बार आने वाली बाढ़ से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बाढ़ के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है और उन्हें दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

राहत और बचाव की तैयारी

प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री और बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्थानीय स्तर पर नावों, राहत टीमों और जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है।

फिलहाल बैतरणी नदी का बढ़ता जलस्तर जाजपुर जिले के लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन कमजोर तटबंधों और लगातार बढ़ते पानी के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति तय करेगी कि क्षेत्र में बाढ़ का खतरा कितना बढ़ता है।

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