पुरी : ओडिशा के पवित्र शहर पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान गुरुवार को भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान एक श्रद्धालु की मौत होने और कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि भारी भीड़ के दबाव के कारण श्रद्धालु को सांस लेने में परेशानी हुई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
यह घटना ग्रैंड रोड पर मारिचिकोट स्क्वायर के पास दोपहर के समय हुई। रथ यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। लाखों की भीड़ के बीच अचानक दबाव बढ़ने से कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई।
हालांकि, इस घटना को लेकर प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों की ओर से स्थिति की समीक्षा की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
रथ यात्रा में उमड़ी थी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़
भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी पुरी के ग्रैंड रोड पर भक्तों का विशाल जनसमूह उमड़ा था।
श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने के लिए घंटों पहले से मार्ग पर मौजूद थे। जैसे-जैसे रथ आगे बढ़े, भीड़ का दबाव बढ़ता गया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मारिचिकोट स्क्वायर के पास हुई घटना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना मारिचिकोट स्क्वायर के पास हुई। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र थे। भीड़ के दबाव के बीच एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई।
बताया जा रहा है कि व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी हुई और बाद में उसकी मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।
घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। हालांकि, घायलों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर नजर
रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष टीमें तैनात रहती हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा बड़ी चुनौती
पुरी की रथ यात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु एक साथ सड़कों पर उतरते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
हर साल रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष योजना बनाई जाती है। इसमें बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम, आपातकालीन वाहन और पुलिस बल की तैनाती शामिल होती है।
इसके बावजूद कई बार भारी भीड़ के कारण ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं, जिनमें श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
घटना के बाद श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे भीड़ में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आयोजनों में भीड़ के बीच अचानक दबाव बढ़ने से दम घुटने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को एक-दूसरे की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है।
फिलहाल पुरी प्रशासन की ओर से घटना की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। जैसे-जैसे मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आएगी, स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।