भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में राइडशेयर ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 113 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। इसके अलावा 354 वाहनों को भी जब्त किया गया है।

पुलिस की ओर से गुरुवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से 60 व्यक्तियों को अच्छे व्यवहार का भरोसा देने के बाद बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है।

यह कार्रवाई बुधवार को स्टेशन स्क्वायर और मास्टर कैंटीन इलाके में ऐप आधारित टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद की गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और मामले में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारियां शुरू कीं।

इस मामले में खारवेला नगर पुलिस स्टेशन में कुल सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें से दो एफआईआर आम लोगों की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गईं। चार मामले ‘आमा बस’ स्टाफ की शिकायतों पर दर्ज किए गए हैं, जबकि एक एफआईआर पुलिसकर्मी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान कई वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राइडशेयर ड्राइवरों का यह प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। ऐप आधारित टैक्सी और ऑटो चालकों ने अपनी समस्याओं को लेकर विरोध जताया था। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए और पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बन गई।

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस बल को तैनात किया गया ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

354 वाहनों की जब्ती को लेकर पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनमें से कितने वाहन हिंसा के दौरान मौजूद थे और किन लोगों की भूमिका संदिग्ध है।

मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान अगर और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मास्टर कैंटीन और स्टेशन स्क्वायर भुवनेश्वर के व्यस्त इलाके हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। ऐसे स्थान पर हिंसा होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है क्योंकि राजधानी क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। पुलिस ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा या उपद्रव करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

राइडशेयर ड्राइवरों के संगठनों की ओर से भी मामले को लेकर प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है।

फिलहाल भुवनेश्वर पुलिस मामले की जांच कर रही है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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