कटक। ओडिशा के कटक जिले में एक अजीबोगरीब सड़क हादसा सामने आया है, जहां कथित तौर पर गूगल मैप्स के बताए रास्ते पर चलते हुए एक भारी ट्रक गलत मार्ग पर पहुंच गया और पलट गया। हादसे के समय ट्रक में करीब 29 टन सामान लदा हुआ था। दुर्घटना में ड्राइवर की जान बाल-बाल बच गई, लेकिन एक किसान की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

यह घटना कटक जिले की नियाली तहसील के अंतर्गत पोखरीगांव पंचायत क्षेत्र के गंडाकुल के पास हुई। जानकारी के अनुसार, ट्रक प्रताप नगरी से जुआंगा की ओर जा रहा था। ड्राइवर ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए गूगल मैप्स का सहारा लिया, लेकिन कथित तौर पर मैप में दिखाए गए गलत रास्ते के कारण वह भारी वाहन को एक संकरे और जोखिम भरे मार्ग पर ले गया।

बताया जा रहा है कि ट्रक चालक रास्ता खोजते हुए बालीकुडा नहर के किनारे पहुंच गया। सड़क की स्थिति भारी वाहन के लिए अनुकूल नहीं थी, जिसके कारण चालक ट्रक को नियंत्रित नहीं कर सका और वाहन अचानक पलट गया। इसके बाद ट्रक धान के खेत में जा गिरा।

हादसे के समय ट्रक में सीमेंट, पत्थर और रेत जैसी निर्माण सामग्री लदी हुई थी। ट्रक पलटने के बाद यह पूरा सामान खेत में फैल गया। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत कार्य शुरू किया गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं, लेकिन उसकी जान बच गई। समय रहते उसे वाहन से बाहर निकाल लिया गया। दुर्घटना के बाद ट्रक को हटाने और सामान को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई।

इस हादसे का सबसे ज्यादा नुकसान खेत मालिक किसान को हुआ है। ट्रक के पलटने से उसकी धान की फसल खराब हो गई। खेत में सीमेंट, पत्थर और रेत फैल जाने के कारण खेती की जमीन को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

किसान ने चिंता जताई है कि अगर खेत से निर्माण सामग्री पूरी तरह नहीं हटाई गई तो आने वाले समय में जमीन खेती योग्य नहीं रह पाएगी। किसान का कहना है कि फसल के नुकसान के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ट्रक को हटाने और खेत से सामान निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।

यह हादसा एक बार फिर डिजिटल नेविगेशन सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर सावधानी की जरूरत को सामने लाता है। गूगल मैप्स जैसे ऐप रास्ता दिखाने में मददगार होते हैं, लेकिन कई बार ग्रामीण इलाकों, कच्चे रास्तों या भारी वाहनों के लिए अनुपयुक्त मार्ग भी दिखा सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े वाहनों के चालक केवल डिजिटल मैप पर निर्भर न रहें। खासकर ग्रामीण इलाकों या अनजान रास्तों पर स्थानीय लोगों से जानकारी लेना और सड़क की स्थिति की जांच करना जरूरी है।

देश में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां गूगल मैप्स के गलत निर्देशों के कारण वाहन चालक परेशानी में फंसे हैं। कई बार वाहन नदी, कच्चे रास्ते या बंद सड़कों तक पहुंच गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए गांवों के छोटे रास्तों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। प्रशासन को भी ऐसे मार्गों पर संकेतक लगाने चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले वाहन चालक गलत रास्ते पर न जाएं।

फिलहाल इस हादसे के बाद ट्रक चालक और वाहन मालिक से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन यह भी देख रहा है कि किसान को हुए नुकसान की भरपाई किस तरह की जा सकती है।

इस घटना ने जहां डिजिटल नेविगेशन पर निर्भरता को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं किसानों की फसल और जमीन के नुकसान को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई और किसान को मिलने वाली सहायता पर है।

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