भुवनेश्वर: राज्य सरकार भूमि और संपत्ति पंजीकरण को अधिक पारदर्शी, कुशल और जन-अनुकूल बनाने के लिए, पहले चरण में चुनिंदा पंजीकरण कार्यालयों में 'नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम' (NGDRS) लागू करने जा रही है।

सोमवार को यहाँ लोक सेवा भवन में, राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें पुणे स्थित 'नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर' (NIC) की सॉफ्टवेयर विकास इकाई के साथ NGDRS को लागू करने, सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने और डिजिटल सेवाओं को एकीकृत करने पर चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बनाना, सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करना और उप-पंजीयक कार्यालयों में प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करना था।

मंत्री पुजारी ने राज्य में एक अधिक पारदर्शी, मजबूत और तकनीक-आधारित पंजीकरण प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें चुनिंदा पंजीकरण कार्यालयों से शुरुआत करते हुए NGDRS को चरणों में लागू करना, अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किए गए मॉडलों का अध्ययन करना और ओडिशा की प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर को और अधिक आधुनिक बनाना शामिल है।

इस प्रणाली के माध्यम से दस्तावेजों को ऑनलाइन तैयार करना, संपत्ति का मूल्यांकन करना, स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की गणना करना, ऑनलाइन भुगतान करना, अपॉइंटमेंट बुक करना और आवेदन की स्थिति को ट्रैक करना संभव होगा।  

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