कटक: ओडिशा हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि नौकरी से रिटायर होने पर भी कोई अधिकारी कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना (contempt) करने पर होने वाली कार्रवाई से बच नहीं सकता। कोर्ट ने ओडिशा के पूर्व DGP योगेश बहादुर खुराना को एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) को बहाल करने के आदेश का पालन न करने के मामले में कार्रवाई का सामना करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की सिंगल जज बेंच ने 24 अगस्त को SI सागरिका परिडा की अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई करते हुए खुराना को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उनसे पूछा गया कि क्यों न उन पर 'कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट्स एक्ट, 1971' की धारा 12 के तहत मुकदमा चलाया जाए और सज़ा दी जाए। खुराना 16 अगस्त को रिटायर हो चुके हैं।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक कोई अंतरिम रोक (interim stay) न हो, तब तक सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) लंबित होने के आधार पर अवमानना ​​की कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता।

 

Tags: