टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में 'अंग' का प्रीमियर नागालैंड के लिए बड़ी उपलब्धि
फिल्म 'अंग' ने इंटरनेशनल मंच पर मचाई धूम
कोहिमा : नागालैंड के फिल्म निर्माता थेजा रियो (Theja Rio) की पहली फीचर फिल्म ‘अंग (Angh)’ का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 में हुआ। यह फिल्म TIFF के Platform Competition सेक्शन में शामिल हुई है और इस श्रेणी में पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय फिल्म बताई गई है।
फिल्म की कहानी नागालैंड के 1960 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें कोंयाक समुदाय के एक मुखिया अंग्हबा की कहानी दिखाई गई है, जो अपने बीमार पत्नी और बोल न पाने वाले बेटे के साथ एक वीरान गांव में रह रहा है। एक अमेरिकी मिशनरी के आने के बाद उनकी जिंदगी और पारंपरिक मान्यताओं में बदलाव की स्थिति पैदा होती है।
नागा संस्कृति और पहचान पर आधारित कहानी
‘अंग’ में नागालैंड की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, आस्था और बदलते सामाजिक परिवेश को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म में पूर्वोत्तर भारत की ऐसी कहानी को वैश्विक मंच पर पेश किया गया है, जो आमतौर पर मुख्यधारा के सिनेमा में कम दिखाई देती है। फिल्म को थेजा रियो ने लिखा और निर्देशित किया है। इससे पहले इसी नाम की उनकी शॉर्ट फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है।
16mm कैमरे पर शूट हुई फिल्म
‘अंग’ को 16mm फिल्म पर शूट किया गया है। इसमें नागालैंड के स्थानीय कलाकारों के साथ ब्रिटिश अभिनेता डगलस हेंशल भी नजर आते हैं। फिल्म में स्थानीय भाषा और क्षेत्रीय कलाकारों को प्रमुखता दी गई है।
थ्रेजा रियो ने बताया खास अनुभव
थेजा रियो ने फिल्म को अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक माध्यम बताया है। उनका कहना है कि यह कहानी नागालैंड के लोगों, उनकी यादों और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पूर्वोत्तर सिनेमा की पहचान
‘अंग’ के TIFF में चयन को भारतीय स्वतंत्र सिनेमा और पूर्वोत्तर की कहानियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। फिल्म के जरिए नागालैंड की संस्कृति और वहां के समुदायों की जीवन शैली को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिला है।