Kohima (Nagaland) कोहिमा (नागालैंड): आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से नागालैंड की राजधानी कोहिमा में NEPEx 2026 के तहत एक बड़े स्तर पर भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में विभिन्न सरकारी विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
यह मॉक ड्रिल राज्य में आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यास के दौरान भूकंप जैसी आपात स्थिति का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें राहत और बचाव कार्यों का वास्तविक समय में परीक्षण किया गया।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित तरीके से निकालना (evacuation), आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना था। इसमें यह देखा गया कि किसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से काम कर सकते हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, आपदा प्रतिक्रिया बल, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। राहत और बचाव कार्यों में घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने और आपातकालीन प्रबंधन को लागू करने का अभ्यास किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास से वास्तविक आपदा की स्थिति में होने वाली चुनौतियों को समझने और उन्हें कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ती है कि आपदा के समय उन्हें किस तरह से प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
NEPEx 2026 के तहत आयोजित इस अभ्यास में नागरिक सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया। स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकासी प्रक्रियाओं और आपातकालीन दिशा-निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई।
अभ्यास के दौरान यह भी देखा गया कि संचार व्यवस्था, बचाव उपकरणों की उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय कितना प्रभावी है। विशेषज्ञों ने इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन किया और सुधार के लिए सुझाव भी दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि नागालैंड जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य में भूकंप जैसी आपदाओं की संभावना को देखते हुए ऐसी मॉक ड्रिल बेहद जरूरी हैं। इससे न केवल प्रशासनिक तैयारी मजबूत होती है, बल्कि जनता भी अधिक सतर्क और जागरूक बनती है।
कोहिमा में आयोजित यह अभ्यास राज्य में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।