मिजोरम का गांव ऑनलाइन पढ़ाई से दूर बच्चों की शिक्षा पर संकट
मिजोरम के गांव में डिजिटल शिक्षा की चुनौती बच्चे कर रहे संघर्ष
आइजोल: डिजिटल शिक्षा के दौर में जहां ऑनलाइन क्लास और इंटरनेट पढ़ाई का अहम हिस्सा बन चुके हैं, वहीं मिजोरम के कुछ दूरदराज गांवों के बच्चे आज भी बेहतर कनेक्टिविटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कमजोर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की कमी के कारण कई छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मिजोरम के पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में भौगोलिक स्थिति के कारण डिजिटल सुविधाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा है। कई गांवों में छात्रों को पढ़ाई के लिए ऊंचे स्थानों या ऐसे इलाकों तक जाना पड़ता है जहां मोबाइल सिग्नल मिल सके।
इंटरनेट की तलाश में पहाड़ियों पर पहुंचते हैं छात्र
रिपोर्ट्स के अनुसार, मिजोरम के कुछ गांवों में छात्र ऑनलाइन क्लास, परीक्षा और असाइनमेंट जमा करने के लिए नेटवर्क की तलाश में घरों से दूर जाते हैं। कुछ जगहों पर बच्चों को कई किलोमीटर तक सफर करना पड़ता है ताकि उन्हें इंटरनेट कनेक्शन मिल सके।
ऐसी स्थिति में बच्चों का समय पढ़ाई से ज्यादा नेटवर्क खोजने में खर्च हो जाता है। खराब कनेक्टिविटी के कारण ऑनलाइन क्लास छूटने और पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या सामने आती है।
डिजिटल शिक्षा की राह में बड़ी बाधा
कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा का महत्व तेजी से बढ़ा, लेकिन ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों की कमी ने छात्रों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दीं। मिजोरम में भी कई छात्रों ने मोबाइल नेटवर्क, स्मार्टफोन और इंटरनेट उपलब्धता को बड़ी समस्या बताया है।
कई परिवारों के लिए हर बच्चे के लिए अलग स्मार्टफोन खरीदना भी मुश्किल होता है, जिससे ऑनलाइन पढ़ाई और कठिन हो जाती है।
सरकार के सामने कनेक्टिविटी सुधारने की चुनौती
मिजोरम जैसे पहाड़ी राज्य में हर गांव तक मोबाइल टावर और इंटरनेट सुविधा पहुंचाना आसान नहीं है। दुर्गम इलाकों, जंगलों और पहाड़ी रास्तों के कारण डिजिटल नेटवर्क का विस्तार धीमा रहता है।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मिजोरम में अब भी कुछ गांव मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी से वंचित बताए गए हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा तभी सफल हो सकती है जब छात्रों को समान रूप से इंटरनेट और डिजिटल संसाधन उपलब्ध हों। नेटवर्क की समस्या के कारण कई होनहार छात्र पीछे रह जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, बिजली और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता भी जरूरी है।
बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है डिजिटल समानता
मिजोरम के इन गांवों की कहानी बताती है कि डिजिटल युग में इंटरनेट अब सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। इसलिए हर बच्चे तक समान डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।
जब तक दूरदराज इलाकों में बेहतर नेटवर्क और तकनीकी सुविधाएं नहीं पहुंचेंगी, तब तक ऑनलाइन शिक्षा का लाभ सभी छात्रों तक समान रूप से पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।