मिजोरम: राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री बी. लालछनजोवा ने 26 अक्टूबर को बताया कि 2027 तक मिजोरम के राष्ट्रीय गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ने की संभावना है। वहीं, चल रही पाइपलाइन परियोजना के मार्च-अप्रैल 2028 तक आइजोल और सिहमुई पहुंचने की उम्मीद है।
मंत्री ने यह बयान ममित जिले में 119.45 किलोमीटर लंबी पानीसागर-आइजोल गैस पाइपलाइन के काम का निरीक्षण करते हुए दिया।
यह पाइपलाइन 'नॉर्थईस्ट गैस ग्रिड प्रोजेक्ट' के तहत 'इंद्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड' (IGGL) द्वारा बनाई जा रही है।
लालछनजोवा ने कहा कि इस परियोजना से खाना पकाने के लिए LPG पर राज्य की निर्भरता कम होगी और इससे मिजोरम में वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के इस्तेमाल का रास्ता भी खुल सकता है।
उन्होंने कहा कि पाइप के जरिए मिलने वाली नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से राज्य को उस समय होने वाली परेशानियों से निपटने में मदद मिलेगी, जब LPG की आपूर्ति बाधित हो जाती है।
मंत्री ने बताया कि 'नॉर्थईस्ट गैस ग्रिड प्रोजेक्ट' के तहत, पूर्वोत्तर राज्यों में लगभग 1,656 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत 9,265 करोड़ रुपये है।
उन्होंने आगे कहा कि मिजोरम को 'त्रिपुरा नेचुरल गैस कंपनी लिमिटेड' (TNGCL) के जरिए इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह पाइपलाइन त्रिपुरा के छह गांवों में 15.10 किलोमीटर और मिजोरम के 20 गांवों में 104.34 किलोमीटर तक फैलेगी।
मंत्री ने IGGL के अधिकारियों से काम में तेजी लाने को कहा। साथ ही, उन्होंने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए सरकारी विभागों, जिला प्रशासन और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया।