मिजोरम में आपदा प्रबंधन को मजबूती, गांव स्तर की तैयारी के लिए मिलेंगे ₹10 करोड़

गांव-गांव मजबूत होगा आपदा तंत्र

Update: 2026-07-30 04:53 GMT
मिज़ोरम : आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य को गांव स्तर पर आपदा की तैयारी और जोखिम कम करने के उपायों के लिए ₹10 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।
मिज़ोरम भौगोलिक रूप से पहाड़ी राज्य है, जहां भूस्खलन, भारी बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में गांव स्तर पर तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
गांवों में मजबूत होगी आपदा प्रबंधन क्षमता
इस योजना के तहत स्थानीय स्तर पर आपदा से निपटने के लिए जरूरी संसाधन, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रामीणों को आपदा के समय बचाव, राहत और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने जैसी जानकारियां दी जाएंगी।
स्थानीय स्वयंसेवकों और समुदाय आधारित समूहों को भी आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाएगा।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में मिलेगी मदद
मिज़ोरम में मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार दूरदराज के गांवों में राहत पहुंचाने में समय लगता है।
गांव स्तर पर तैयारी होने से शुरुआती समय में लोगों को मदद मिल सकेगी और नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।
स्थानीय प्रशासन को मिलेगा सहयोग
इस राशि का उपयोग आपदा पूर्व तैयारी, जरूरी उपकरणों की व्यवस्था, प्रशिक्षण और आपातकालीन योजनाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। इससे जिला और राज्य स्तर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
समुदाय की भागीदारी पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही किसी भी आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
मिज़ोरम में गांव स्तर पर यह पहल लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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