मिज़ोरम: मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य के बाहर से आए ऑल इंडिया सर्विस (AIS) अधिकारियों से कहा है कि वे मिज़ो भाषा सीखें और स्थानीय संस्कृति को समझें, ताकि लोगों तक सरकारी सेवाएँ बेहतर ढंग से पहुँचाई जा सकें।
गुरुवार को आइज़ोल में 'मिज़ो संस्कृति, भाषा, समाज और मूल्य प्रणाली' पर 14 दिन के ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन करते हुए लालदुहोमा ने कहा कि सरकारी ज़िम्मेदारियाँ संभालने वाले अधिकारियों के लिए लोगों की संस्कृति और जीवन-शैली को समझना ज़रूरी है।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को राज्य में अपनी तरह का पहला प्रयास बताते हुए उन लोगों की तारीफ़ की जिन्होंने इस प्रोग्राम का विचार रखा और एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ATI) के उन अधिकारियों की भी सराहना की जिन्होंने इसे आयोजित किया।
लालदुहोमा ने कहा कि सिर्फ़ नियमों, कानूनों और पॉलिसी बनाने से ही अच्छा प्रशासन नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने सरकारी पॉलिसी में लोगों को शामिल करने और उनमें 'अपनापन' या 'मालिकाना हक' की भावना पैदा करने पर ज़ोर दिया।
एक सरकारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, "इसके लिए जनता के साथ आपसी भरोसा बनाना और अच्छे संबंध रखना ज़रूरी है। लोगों की समस्याओं और चिंताओं को समझने के लिए अधिकारियों को उनकी भाषा, जीवन-शैली और संस्कृति से परिचित होना होगा, जो सबसे ज़रूरी कामों में से एक है।"
'त्लावमंगाइहना' (Tlawmngaihna) का ज़िक्र करते हुए - जो निस्वार्थ भाव, समाज सेवा और दूसरों की मदद करने पर ज़ोर देने वाला एक पारंपरिक मिज़ो मूल्य है - लालदुहोमा ने कहा कि यह सिद्धांत मिज़ो समाज को एक साथ जोड़े रखने वाले मुख्य मूल्यों में से एक है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि भारत का प्रशासनिक ढाँचा अलग-अलग समुदायों, भाषाओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की सेवा करता है। इसलिए, अधिकारियों को उन इलाकों में रहने वाले लोगों की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने की सच्ची कोशिश करनी चाहिए जहाँ वे तैनात हैं।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह ट्रेनिंग प्रोग्राम इसमें शामिल अधिकारियों को यह ज़िम्मेदारी निभाने और स्थानीय समुदायों के साथ उनके जुड़ाव को मज़बूत करने में मदद करेगा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव खिल्ली राम मीना ने कहा कि यह प्रोग्राम गैर-मिज़ो AIS अधिकारियों और मिज़ोरम के लोगों के बीच बातचीत और संपर्क को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है।
उन्होंने इस पहल को ज़मीनी स्तर पर प्रशासन को मज़बूत करने और जनता के साथ जुड़ाव को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया। अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 28 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें हर दिन एक घंटे की क्लास होगी।
इस प्रोग्राम में इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS), इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFoS) के कुल 41 अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से अलग-अलग ज़िलों में तैनात 19 अधिकारियों के ऑनलाइन सेशन में शामिल होने की उम्मीद है।