Shillong शिलॉन्ग। मेघालय सरकार ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अब आंधी-तूफान और तेज हवाओं को भी राज्य या स्थानीय आपदा की श्रेणी में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग में संशोधन करते हुए यह नया प्रावधान लागू किया गया है। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि पहले चक्रवात को ही राज्य या स्थानीय आपदा के रूप में अधिसूचित किया गया था, लेकिन अब हाल के वर्षों में तेज हवाओं और आंधी के कारण ज्यादा नुकसान देखने को मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आंधी और तेज हवाओं को भी आपदा सूची में शामिल करने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण कई बार चक्रवात जैसी स्थिति न होने के बावजूद तेज हवाओं से बड़े स्तर पर नुकसान हो जाता है। इससे घरों, बिजली व्यवस्था, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है। नई व्यवस्था के बाद प्रभावित लोगों को राहत और सहायता उपलब्ध कराने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों में बदलाव का उद्देश्य लोगों को समय पर सहायता पहुंचाना है। राज्य सरकार अब ऐसी प्राकृतिक घटनाओं से होने वाले नुकसान का बेहतर तरीके से आकलन कर सकेगी और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
कॉनराड संगमा ने असम के साथ जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री से बातचीत की है और दोनों राज्यों के हितधारकों को साथ लाकर समाधान निकालने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हमेशा कुछ तनाव और चिंता की स्थिति बनी रहती है, लेकिन बातचीत और आपसी सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता निकाला जा सकता है। दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। मेघालय सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम संबंधी घटनाओं के कारण नुकसान बढ़ रहा है। तेज बारिश, भूस्खलन और हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
राज्य सरकार का मानना है कि नई अधिसूचना से स्थानीय प्रशासन को आपदा के समय तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। राहत सामग्री, मुआवजे और बचाव कार्यों की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मेघालय सरकार के इस फैसले को राज्य में आपदा तैयारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब आंधी और तेज हवाओं से प्रभावित लोगों को भी आपदा राहत व्यवस्था के तहत सहायता मिलने का रास्ता आसान होगा।
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