शिलांग। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने राज्य में तत्काल कैबिनेट विस्तार या फेरबदल की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ पूर्व विधायकों में से किसी को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर सरकार या सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर कोई चर्चा नहीं हुई है।मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि इन विधायकों के BJP में शामिल होने से पहले भी इस विषय पर कोई बातचीत नहीं हुई थी और शामिल होने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल सरकार का ध्यान कैबिनेट विस्तार पर नहीं है।
संगमा ने कहा, “इस दिशा में कोई चर्चा नहीं हुई है और हाल ही में शामिल हुए विधायकों में से किसी को मंत्री बनाने का कोई खास इरादा नहीं है।” उन्होंने दोहराया कि विधायकों के BJP में जाने से पहले या बाद में इस मुद्दे पर सरकार अथवा गठबंधन स्तर पर किसी प्रकार की बातचीत नहीं हुई।मुख्यमंत्री के इस बयान से उन राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश हुई है, जिनमें कहा जा रहा था कि नए राजनीतिक समीकरणों के बाद राज्य मंत्रिमंडल में बदलाव संभव है। आठ पूर्व विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या उन्हें सत्ता संरचना में कोई नई भूमिका दी जाएगी।
हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक के पार्टी बदलने या नए दल में शामिल होने का यह मतलब नहीं है कि उसे तुरंत कैबिनेट में जगह दी जाएगी।मेघालय की राजनीति में गठबंधन सरकारों की भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। अलग-अलग दलों के बीच संतुलन बनाए रखना और सत्ता में भागीदारी तय करना अक्सर राजनीतिक चर्चा का विषय बनता रहा है। इसी वजह से आठ पूर्व विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद कैबिनेट विस्तार की संभावना को लेकर भी अटकलें तेज हो गई थीं।
संगमा ने इन चर्चाओं को आधारहीन बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में कोई औपचारिक या अनौपचारिक पहल नहीं की गई है। उनके मुताबिक, वर्तमान कैबिनेट व्यवस्था में फिलहाल किसी बदलाव पर विचार नहीं किया जा रहा।मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नए विधायकों की भूमिका पार्टी संगठन और राजनीतिक गतिविधियों के आधार पर तय हो सकती है, लेकिन कैबिनेट में शामिल करने का सवाल अलग विषय है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में बदलाव का फैसला कई राजनीतिक और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है।
हाल ही में हुए इस राजनीतिक बदलाव को मेघालय की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UDP से जुड़े रहे आठ पूर्व विधायक BJP में शामिल हुए हैं, जिससे राज्य की सियासी तस्वीर में नए समीकरण बने हैं। इसके बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई थी कि गठबंधन सरकार में BJP का प्रभाव बढ़ सकता है और इसका असर मंत्रिमंडल की संरचना पर भी पड़ सकता है।लेकिन मुख्यमंत्री संगमा के ताजा बयान से फिलहाल ऐसी संभावनाएं कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार और गठबंधन के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है।
संगमा का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कैबिनेट में किसी भी बदलाव का असर गठबंधन के दूसरे सहयोगी दलों पर भी पड़ सकता है। राज्य की राजनीति में अलग-अलग दलों के बीच प्रतिनिधित्व और संतुलन बनाए रखना संवेदनशील विषय माना जाता है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार का कोई भी फैसला व्यापक राजनीतिक सहमति के बाद ही लिया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता प्रशासनिक कामकाज और विकास से जुड़े मुद्दे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीतिक अटकलों के बजाय सरकार फिलहाल अपने तय एजेंडे और योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आठ पूर्व विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल जरूर बढ़ी है, लेकिन मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बदलाव को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी।राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में BJP में शामिल हुए इन विधायकों को संगठन या सरकार में किस तरह की भूमिका मिलती है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने मंत्री पद की संभावना को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है।संगमा ने अपने बयान में एक बार फिर कहा कि इस मामले में न तो पहले चर्चा हुई और न ही अब कोई चर्चा चल रही है। इससे साफ है कि निकट भविष्य में कैबिनेट फेरबदल या विस्तार की कोई तत्काल योजना सरकार के सामने नहीं है।
फिलहाल मेघालय सरकार अपनी मौजूदा मंत्रिपरिषद के साथ काम जारी रखेगी। नए विधायकों के शामिल होने से राजनीतिक समीकरण जरूर बदले हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के मुताबिक इसका सीधा असर अभी कैबिनेट संरचना पर नहीं पड़ेगा।आने वाले समय में यदि गठबंधन स्तर पर कोई नई राजनीतिक सहमति बनती है, तभी मंत्रिमंडल में बदलाव पर विचार हो सकता है। अभी के लिए मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हाल ही में BJP में शामिल विधायकों को मंत्री बनाने का कोई तत्काल इरादा नहीं है।
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