मेघालय कैबिनेट ने OTS स्कीम को मंजूरी, ट्रांसपोर्टरों को टैक्स और पेनल्टी में बड़ी राहत
Meghalaya मेघालय: मेघालय की कैबिनेट ने 27 मई को एक वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य राज्य के ट्रांसपोर्टरों और कमर्शियल वाहन मालिकों को लंबित टैक्स और भारी पेनल्टी से राहत देना है। इस फैसले को परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
सरकार की इस योजना के तहत मोटर व्हीकल टैक्स, पैसेंजर टैक्स, गुड्स टैक्स और फिटनेस फीस से जुड़े पुराने बकायों पर लगने वाली पेनल्टी में बड़ी कटौती की जाएगी। लंबे समय से टैक्स भुगतान में देरी और फिटनेस सर्टिफिकेट के रिन्यूअल न होने के कारण कई वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना जमा हो गया था, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
मेघालय कैबिनेट का कहना है कि शुरुआती टैक्स शुल्क अपेक्षाकृत कम थे, लेकिन समय के साथ पेनल्टी बढ़ती गई और यह ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन गई। खासकर उन छोटे और स्थानीय ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए स्थिति कठिन हो गई थी, जिनकी आय मुख्य रूप से कमर्शियल वाहनों पर निर्भर रहती है।
नई OTS स्कीम के तहत सबसे बड़ा लाभ फिटनेस सर्टिफिकेट से जुड़ी पेनल्टी में मिलेगा। सरकार ने इस पर 90 प्रतिशत तक छूट देने का निर्णय लिया है, जिससे वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पेंडिंग मोटर व्हीकल टैक्स और गुड्स व पैसेंजर टैक्स से जुड़ी पेनल्टी पर 80 प्रतिशत तक की छूट को भी मंजूरी दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य न केवल राजस्व वसूली को सुव्यवस्थित करना है, बल्कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर को दोबारा सक्रिय और सुचारू बनाना भी है। सरकार चाहती है कि पुराने बकाए के कारण कोई भी वाहन मालिक व्यवसाय से बाहर न हो और परिवहन व्यवस्था प्रभावित न हो।
इस योजना से राज्य के हजारों वाहन मालिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है, खासकर छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को, जो लंबे समय से वित्तीय दबाव में थे। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल टैक्स वसूली बढ़ेगी, बल्कि वाहनों की वैधता और सड़क सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा।
शिलांग सहित पूरे राज्य में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे व्यावहारिक व राहत देने वाला कदम बताया है।
फिलहाल सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे इस योजना को जल्द से जल्द लागू करें और पात्र वाहन मालिकों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया शुरू करें। इससे राज्य में परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।