मेघालय विधानसभा सत्र से पहले KSU ने खासी हिल्स के विधायकों को सौंपा ज्ञापन
मेघालय में KSU ने खासी हिल्स विधायकों को सौंपा ज्ञापन
शिलॉन्ग: मेघालय में विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) ने खासी हिल्स क्षेत्र के विधायकों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को विधानसभा में उठाने की अपील की है। KSU ने खासी-जैंतिया क्षेत्र के 36 विधायकों से समुदाय से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की मांग की है।
KSU ने कहा कि विधायक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे रोजगार, सुरक्षा और स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से रखें।
विधानसभा में उठाने के लिए रखी गईं पांच प्रमुख मांगें
KSU ने अपने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया है। संगठन ने मांग की है कि सरकार स्थानीय लोगों के हितों और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाए। इन मांगों में मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट (MRSSA) को प्रभावी रूप से लागू करना, प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करना, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना शामिल है।
सभी 60 विधायकों तक पहुंचने की तैयारी
KSU ने बताया कि वह सिर्फ खासी हिल्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गारो हिल्स के 24 विधायकों को भी ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहा है। संगठन का उद्देश्य विधानसभा के सभी 60 सदस्यों तक अपनी मांगों को पहुंचाना है। KSU का कहना है कि वह चाहता है कि विधानसभा में इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो और सरकार समाधान की दिशा में कदम उठाए।
24 अगस्त से शुरू होना है विधानसभा सत्र
मेघालय विधानसभा का आगामी सत्र 24 अगस्त से शुरू होने वाला है। इससे पहले KSU ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए प्रदर्शन के बजाय विधायकों से मुलाकात और ज्ञापन सौंपने का रास्ता अपनाया है।
संगठन ने कहा कि वह अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
रोजगार और स्थानीय अधिकारों पर जोर
KSU ने विशेष रूप से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थानीय युवाओं को अधिक अवसर देने की मांग की है। संगठन का कहना है कि राज्य के युवाओं को रोजगार में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। अब सभी की नजर मेघालय विधानसभा सत्र पर है कि KSU की मांगों को लेकर विधायक और सरकार क्या रुख अपनाते हैं।