मणिपुर : सेनापति जिले में मंगलवार रात सुरक्षा बलों के कैंप पर हिंसा का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, एक इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने के कुछ घंटे बाद भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर हमला कर दिया। इस दौरान पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और सुरक्षाकर्मियों के तीन वाहनों को आग के हवाले करने की घटना सामने आई।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 9:30 बजे सेनापति जिले के जिला टाउन कैंप में हुई। बड़ी संख्या में लोग कैंप परिसर के पास पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बैरक पर हमला कर दिया। भीड़ ने पत्थर फेंके और कैंप परिसर में नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मकुइलोन इलाके में हथियारबंद कैडर की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद हुई। सुरक्षा एजेंसियों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर अभियान चलाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया और रात में भीड़ ने असम राइफल्स कैंप को निशाना बनाया।
हमले के दौरान भीड़ ने कैंप में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक, तीन वाहनों में आग लगा दी गई। इसके अलावा कैंप परिसर में तोड़फोड़ की गई और सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आवश्यक कदम उठाए। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
मणिपुर लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। राज्य के कई इलाकों में उग्रवादी गतिविधियों और हिंसा को लेकर सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। ऐसे में किसी भी सर्च ऑपरेशन के बाद स्थानीय तनाव बढ़ने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई का उद्देश्य इलाके में मौजूद हथियारबंद समूहों और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि अभियान पूरी तरह खुफिया इनपुट के आधार पर चलाया गया था।
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि कैंप पर हमला करने वाली भीड़ में कौन-कौन लोग शामिल थे और हिंसा के पीछे क्या कारण थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी फैलने से रोकने के लिए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
स्थानीय प्रशासन भी हालात को सामान्य करने के प्रयास में जुटा हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
मणिपुर में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के बीच यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि इलाके में दोबारा कोई हिंसक घटना न हो।
फिलहाल असम राइफल्स कैंप पर हुए हमले की जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।