इंफाल: गुरुवार को जारी रक्षा विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 48 घंटों के दौरान कई जिलों में चलाए गए संयुक्त अभियानों में, प्रतिबंधित 'नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट ऑफ मणिपुर' (NRFM) के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।

ये अभियान खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए थे, जिनका मकसद राज्य में संदिग्ध विद्रोही नेटवर्क और हथियारों के भंडारण वाली जगहों को निशाना बनाना था।
पहले अभियान में, असम राइफल्स और काकचिंग कमांडो की एक संयुक्त टीम ने इंफाल पश्चिम जिले के नामबोल इलाके में एक रिहायशी क्षेत्र में सुबह-सुबह छापेमारी की और NRFM के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया।
बयान के अनुसार, संदिग्ध से पूछताछ में पता चला कि उसके तार सीमा पार से लोगों की भर्ती और म्यांमार सीमा के रास्ते होने वाली अवैध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। इस जानकारी के आधार पर, सुरक्षा बलों ने बाद में तेंगनौपाल जिले के पल्लेल इलाके से एक और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा।
टीम ने दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड भी बरामद किए, जिनके बारे में शक है कि इनका इस्तेमाल विद्रोही गतिविधियों से जुड़ी बातचीत के लिए किया जा रहा था।
गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए नामबोल पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
एक अन्य अभियान में, असम राइफल्स के जवानों और स्थानीय पुलिस ने थौबल जिले के इकोप पाट इलाके में तलाशी ली और वहां से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।
बरामद की गई चीजों में दो सबमशीन गन, चार राइफलें, तीन पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर और अलग-अलग तरह के गोला-बारूद शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, यह बरामदगी राज्य भर में संदिग्ध हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा थी।
इस बीच, इंफाल पूर्व जिले के पुखाओ टेरापुर में एक और संयुक्त अभियान के दौरान चार बैग मिले, जिनमें हथियार, विस्फोटक और सुरक्षा उपकरण छिपाकर रखे गए थे।
स्पेशल कमांडो और असम राइफल्स के जवानों ने एक 'सिग सॉयर P320' (Sig Sauer P320) पिस्तौल, विदेशी मार्किंग वाले अन्य हथियार, एक लॉन्चर, चार और बंदूकें तथा विस्फोटक जब्त किए। बरामद सामान में बुलेट-प्रूफ सुरक्षा उपकरण भी शामिल थे।
बयान में कहा गया है कि दोनों जगहों से बरामद हथियारों और अन्य सामग्रियों का रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें संबंधित स्थानीय अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
ये अभियान मणिपुर में विद्रोही गतिविधियों को रोकने और अवैध हथियारों को बरामद करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों का हिस्सा थे।
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