दिल छू लेने वाली स्टोरी,10 साल की बच्ची 1 साल की बहन को गोद में लेकर आई स्कूल
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इम्फाल. इसमें कोई दो राय नहीं है कि बच्चे अपने व्यवहार से अक्सर हमें चौंका देते हैं और उनमें दया और देखरेख की भावना मौजूद होती है. भारत जैसे देश में जहां कई जगह परिवार बड़े होते हैं और काम की वजह से माता-पिता अपने छोटे बच्चों का ख्याल रखने में अक्षम होते हैं, वहां अक्सर देखा गया है कि बड़ा भाई या बहन अपने से छोटे की देखरेख करने लगता है. यह देखरेख की कला कुछ बच्चों में तो प्राकृतिक तौर पर मौजूद रहती है. ऐसी ही एक दिल को छू लेने वाली तस्वीर मणिपुर से देश भर में वायरल हो गई है. तस्वीर में 10 साल की मणिपुरी लड़की अपनी छोटी बहन को गोद में उठाए स्कूल पढ़ने पहुंची है. इस तस्वीर ने सोशल मीडिया और मणिपुर के ऊर्जा, वन एवं पर्यावरण मंत्री बिस्वजीत सिंह का ध्यान अपनी ओर खींचा.
सबका ध्यान अपनी ओर खींचने वाली 10 साल की मीनिंगसिन्लिउ पेमेई कक्षा 4 में पढ़ती है. चूंकि उसके माता-पिता को खेतों में काम करने जाना था, इसलिए वह अपनी छोटी बहन को गोद में लेकर पढ़ने के लिए स्कूल जा पहुंची. इस फोटो को देखकर प्रभावित हुए मंत्री बिश्वजित सिंह ने लिखा कि इस बच्ची का पढ़ाई के प्रति समर्पण काबिले तारीफ है. मीनिंगसिन्लिउ पेमेई नाम की यह बच्ची मणिपुर के टेमेंग्लोंग में रहती है, और खेतो में काम पर गए अपना माता-पिता की अनुपस्थिति में अपनी छोटी बहन की देखरेख और पढ़ाई भी कर रही है.
मंत्री ने ये सूचना देते हुए बताया कि उनका लड़की के परिवार से संपर्क हुआ है और उन्होंने उसे इम्फाल लाने के लिए कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि वह लड़की के स्नातक होने तक उसकी शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी भी लेते हैं. सिंह ने अपने ट्वीट पर लिखा कि जैसे ही उन्हें इस बच्ची के बारे में पता चला, उन्होंने उसके परिवार से संपर्क किया और उन्हें आश्वासन दिया कि इस बच्ची के समर्पण को देखते हुए उसके स्नातक की पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी वह उठाएंगे. इस फोटो के सोशल मीडिया पर आते ही लोग इसके समर्पण की तारीफ करने लगे. एक यूजर ने लिखा है कि ऐसे समर्पित बच्चे ही देश का नाम रोशन करते हैं. इनकी लगन को देखकर तारीफ में शब्द भी कम पड़ जाते हैं. वहीं एक और यूजर लिखते हैं कि इतनी नाजुक उम्र में इस तरह से जिम्मेदार होना हैरान कर देता है.