मणिपुर के छात्रों ने रचा कमाल ‘खोंगजोम नुबी’ का फिल्म फेस्टिवल में चयन
मणिपुर से केरल तक ‘खोंगजोम नुबी’ ने बनाई पहचान
इंफाल: मणिपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छात्रों द्वारा तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री ‘खोंगजोम नुबी’ (Khongjom Nubi) का चयन केरल में आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल के लिए किया गया है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों में उत्साह है। फिल्म फेस्टिवल जैसे मंच पर डॉक्यूमेंट्री का चयन युवा फिल्मकारों के लिए अपनी रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर माना जा रहा है।
‘खोंगजोम नुबी’ के चयन ने मणिपुर के युवा फिल्मकारों और छात्रों की प्रतिभा को भी सामने लाया है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण में शोध, पटकथा, सिनेमैटोग्राफी, साउंड और एडिटिंग जैसे कई पहलुओं पर एक साथ काम करना पड़ता है। ऐसे में विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट का फिल्म फेस्टिवल तक पहुंचना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छात्रों की मेहनत को मिला बड़ा मंच
डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली छात्र टीम ने विषय को पर्दे पर उतारने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम किया। फिल्म निर्माण के दौरान किसी कहानी को केवल रिकॉर्ड करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उससे जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ को भी प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाना होता है।
केरल फिल्म फेस्टिवल में चयन के बाद छात्रों को दूसरे फिल्मकारों और सिनेमा से जुड़े लोगों के काम को समझने का अवसर भी मिल सकता है। इससे उन्हें भविष्य में बेहतर फिल्म निर्माण के लिए अनुभव हासिल करने में मदद मिलेगी।
मणिपुर की कहानियों को मिलेगी पहचान
पूर्वोत्तर भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता, इतिहास और सामाजिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद इस क्षेत्र की कई स्थानीय कहानियां राष्ट्रीय स्तर के दर्शकों तक सीमित मात्रा में पहुंच पाती हैं।
डॉक्यूमेंट्री जैसे माध्यम स्थानीय समुदायों, इतिहास और लोगों के अनुभवों को बड़े मंच पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘खोंगजोम नुबी’ का चयन इसी दिशा में छात्रों के प्रयास को मिली पहचान के रूप में देखा जा सकता है।
युवा फिल्मकारों को मिलेगा प्रोत्साहन
विश्वविद्यालय स्तर पर फिल्म निर्माण से जुड़े छात्रों के लिए फेस्टिवल में चयन भविष्य के करियर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे आयोजनों में अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले निर्देशक, निर्माता, विद्यार्थी और सिनेमा प्रेमी शामिल होते हैं।
इससे युवा फिल्मकारों को नेटवर्किंग, नए विचारों और फिल्म निर्माण की अलग-अलग शैलियों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही उनकी फिल्म को नए दर्शक भी मिलते हैं।
विश्वविद्यालय के लिए भी उपलब्धि
छात्रों की डॉक्यूमेंट्री का चयन मणिपुर यूनिवर्सिटी के लिए भी गौरव की बात है। इससे विश्वविद्यालय में रचनात्मक शिक्षा और फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
‘खोंगजोम नुबी’ की टीम के लिए अब केरल फिल्म फेस्टिवल महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। यहां डॉक्यूमेंट्री को दर्शकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों के सामने प्रदर्शित होने का मौका मिलेगा। यह उपलब्धि मणिपुर के दूसरे युवा फिल्मकारों को भी स्थानीय कहानियों को कैमरे के जरिए दुनिया के सामने लाने के लिए प्रेरित कर सकती है।