Mumbai मुंबई। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत से बातचीत के दौरान पुणे में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है, जबकि दूसरी तरफ पुणे में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई। वारिस पठान ने कहा कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही की वजह से लोगों की जानें गईं, लेकिन सरकार केवल बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर लंबे समय से अवैध शराब बिक रही थी तो उसे रोका क्यों नहीं गया। पठान ने सवाल उठाया कि आखिर कौन लोग ऐसे अवैध धंधों को संरक्षण दे रहे थे। उन्होंने स्थानीय नेताओं, भ्रष्ट कर्मचारियों और शराब माफिया के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि केवल दुख जताने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बुलडोजर चलाना है तो गरीबों के घरों पर नहीं, बल्कि उन शराबखानों पर चलाया जाए जो लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
वारिस पठान ने कहा कि महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश में जहां-जहां अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, वहां सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट तंत्र और नेताओं की मिलीभगत से ऐसे धंधे फल-फूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती क्योंकि पैसा ऊपर तक पहुंचता है।
उन्होंने बकरीद और मुसलमानों को लेकर होने वाली राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुसलमानों को परेशान करने और समाज में नफरत फैलाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करते हैं। वारिस पठान ने कहा कि ईद का त्योहार पूरे देश में करोड़ों मुसलमानों ने शांतिपूर्वक मनाया। लोगों ने नमाज अदा की, कुर्बानी दी और भाईचारे तथा अमन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कहीं भी किसी तरह का उपद्रव नहीं हुआ, लेकिन फिर भी कुछ लोग समाज में तनाव पैदा करने के लिए नए-नए मुद्दे खड़े करते रहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय धार्मिक विवादों को हवा दी जा रही है। वारिस पठान ने कहा कि एक महीने में कई बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े, लेकिन उस पर कोई बात नहीं हो रही।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सबसे जरूरी है और मजबूत बॉर्डर सुरक्षा होनी चाहिए, लेकिन इसके नाम पर मुसलमानों को बदनाम करना गलत है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सीमा पर घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार घुसपैठियों का मुद्दा उठाती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।
नीट पेपर लीक मामले पर वारिस पठान ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही की वजह से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कई छात्र मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। पठान ने इसे केवल गलती नहीं बल्कि कोल्ड ब्लडेड मर्डर जैसा बताया। उन्होंने मांग की कि जिन छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए यात्रा करनी पड़ेगी, उनके आने-जाने, रहने और खाने का पूरा खर्च सरकार उठाए।
उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक होने के बाद छात्रों को ही परेशान होना पड़ता है, जबकि गलती सिस्टम की होती है। उनका कहना है कि अगर सरकार छात्रों की परेशानी को समझती है तो उन्हें हर संभव सहायता दी जानी चाहिए।