विद्याविहार एक्सीडेंट केस: जमानत रद्द होने के बाद 17 वर्षीय आरोपी फरार

Update: 2026-08-04 05:15 GMT

मुंबई। विद्याविहार में हुए जानलेवा एक्सीडेंट मामले में आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग जमानत रद्द होने के कुछ दिनों बाद फरार हो गया है। मुंबई सेशंस कोर्ट द्वारा उसकी जमानत रद्द किए जाने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत के निर्देशों के तहत पेश किया जाना था, लेकिन वह अब तक सामने नहीं आया है।

पुलिस ने नाबालिग आरोपी की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के परिवार के घर के बाहर एक नोटिस लगाया गया है, जिसमें परिवार को निर्देश दिया गया है कि वे नाबालिग को संबंधित अधिकारियों के सामने पेश करें।

तिलक नगर के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संतोष ढेम्बरे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ‘कानून के दायरे में आने वाले बच्चे’ (Child in Conflict with Law-CCL) की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिवार को नोटिस जारी किया है और उन्हें अदालत के सामने नाबालिग को पेश करने के लिए कहा गया है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, फिलहाल आरोपी की तलाश के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां आरोपी के संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

मामला विद्याविहार क्षेत्र में हुए एक गंभीर सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हादसे के बाद आरोपी नाबालिग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और अदालत में संबंधित प्रक्रिया पूरी की गई।

इस मामले में मुंबई सेशंस कोर्ट ने कुछ दिन पहले नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द कर दी थी। अदालत के आदेश के बाद आरोपी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकारियों के सामने पेश होना था, लेकिन इसके बाद उसके फरार होने की जानकारी सामने आई।

पीड़ित की पत्नी मीनल पटेल ने अदालत के आदेश के पालन में हो रही देरी पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि उनका न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और उन्हें उम्मीद है कि अंत में सच की जीत होगी।

मीनल पटेल ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए और अदालत के निर्देशों का जल्द से जल्द पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के चार दिन बाद भी नाबालिग आरोपी का अधिकारियों के सामने पेश नहीं होना चिंता का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह से आगे बढ़े। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि आरोपी को जल्द से जल्द खोजकर अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाए।

कानून के अनुसार, नाबालिग आरोपियों के मामलों में अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है और उनके पुनर्वास तथा सुधार को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाती है। हालांकि, गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में अदालत परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग आदेश दे सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच और आरोपी की तलाश दोनों प्रक्रियाएं साथ-साथ चल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन परिस्थितियों में फरार हुआ और उसे छिपने में किसी तरह की मदद तो नहीं मिली।

इस घटना के बाद एक बार फिर गंभीर अपराधों में शामिल नाबालिग आरोपियों से जुड़े मामलों पर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार न्याय प्रक्रिया के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं, जबकि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करती हैं।

फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपी नाबालिग की तलाश में जुटी हैं। परिवार को जारी नोटिस के बाद अब पुलिस आरोपी को अदालत के समक्ष पेश कराने के प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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