गणेशोत्सव पर तीन दिन का सांस्कृतिक आयोजन हेमंत रासने ने बताई पहल की कहानी
PUNE पुणे। महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के अवसर पर 16 से 18 सितंबर तक तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। भाजपा विधायक हेमंत रासने ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव घोषित करने की मांग विधानमंडल में उठाई थी। उनके मुताबिक, सरकार ने इस मांग को स्वीकार किया और इसी क्रम में इस वर्ष सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। रासने ने गणेशोत्सव की ऐतिहासिक परंपरा और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव 125 वर्षों से अधिक पुरानी परंपरा से जुड़ा है और लोगों के बीच विशेष लोकप्रियता रखता है। समाज के लिए इसके योगदान को देखते हुए उन्होंने इसे राज्य उत्सव का दर्जा देने का विषय सदन में रखा था।
भाजपा विधायक ने बताया कि विधायक बनने के बाद उन्होंने यह मांग उठाई थी। उनका कहना है कि गणेशोत्सव लोगों की आस्था और लगाव का उत्सव है, जिसकी भूमिका सामाजिक जीवन में भी महत्वपूर्ण रही है। इसी आधार पर उन्होंने सरकार से इसे राज्य स्तर पर मान्यता देने का आग्रह किया। रासने के अनुसार, उनकी मांग पर सरकार की ओर से तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आशीष शेलार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। उन्होंने तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव को इसी पहल से जोड़कर बताया।
आयोजन की अवधि स्पष्ट करते हुए विधायक ने कहा कि इस वर्ष महोत्सव 16, 17 और 18 सितंबर को होगा। इन तीन दिनों के लिए सांस्कृतिक आयोजन की तैयारी की जा रही है। हालांकि, उनके बयान में कार्यक्रमों की विस्तृत सूची, कलाकारों के नाम और आयोजन स्थल का उल्लेख नहीं किया गया। रासने की टिप्पणी में गणेशोत्सव की धार्मिक पहचान के साथ उसका सामाजिक महत्व प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि इस उत्सव ने समाज को बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनके मुताबिक, इसी व्यापक भूमिका और लंबे इतिहास को ध्यान में रखते हुए राज्य उत्सव घोषित करने की मांग रखी गई थी।
उन्होंने अपनी पहल का क्रम बताते हुए पहले विधानमंडल में मांग उठाने, फिर सरकार से स्वीकृति मिलने और उसके अनुरूप सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित होने की जानकारी दी। उनके बयान के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन उसी निर्णय को आगे बढ़ाने का हिस्सा है। उन्होंने मांग स्वीकार किए जाने का श्रेय सरकार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आशीष शेलार को दिया।
गणेशोत्सव के बारे में बोलते हुए रासने ने लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इसे ऐसा उत्सव बताया, जिसे लोग लंबे समय से संजोते आए हैं। उनकी मांग का आधार भी यही था कि इतने पुराने और सामाजिक योगदान वाले उत्सव को राज्य स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। फिलहाल विधायक ने तीन दिन की तारीखों और आयोजन की पृष्ठभूमि की जानकारी साझा की है। सांस्कृतिक महोत्सव में होने वाली प्रस्तुतियों, प्रवेश व्यवस्था और कार्यक्रमों के समय का विवरण उनके वक्तव्य में शामिल नहीं है। रासने के मुताबिक, 16 से 18 सितंबर तक होने वाला महोत्सव गणेशोत्सव को राज्य उत्सव घोषित करने की उनकी मांग स्वीकार होने के क्रम में आयोजित किया जा रहा है।