नासिक। गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूरे नासिक में भगवान गणेश का उत्साह और श्रद्धा के साथ स्वागत किया जा रहा है। घरों और पूजा स्थलों में गणपति की स्थापना के साथ ही बाजारों में भी त्योहार की रौनक बढ़ गई है। भगवान गणेश का प्रिय भोग माने जाने वाले मोदक की मांग में तेजी आई है। शहर में पारंपरिक से लेकर आधुनिक स्वाद वाले कई प्रकार के मोदक उपलब्ध हैं, लेकिन इस बार 27 हजार रुपये प्रति किलो की कीमत वाले खास ‘रॉयल मोदक’ ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
बताया जा रहा है कि इन प्रीमियम मोदकों को खाने योग्य सोने और चांदी के वर्क से सजाया गया है। शानदार प्रस्तुति, चमकदार रूप और ऊंची कीमत के कारण ये सामान्य मोदकों से बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। बाजार में आने वाले भक्त और ग्राहक इन रॉयल मोदकों को उत्सुकता से देख रहे हैं। हालांकि इनकी कीमत काफी अधिक है, फिर भी अपने अनोखे रूप-रंग के कारण ये गणेशोत्सव के दौरान चर्चा में बने हुए हैं।
भगवान गणेश से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में मोदक का विशेष स्थान माना जाता है। गणेश चतुर्थी के दौरान भक्त भगवान गणेश को नैवेद्य के रूप में मोदक अर्पित करते हैं। इसी वजह से त्योहार के दिनों में मिठाई की दुकानों पर मोदक की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। लोग पूजा के लिए मोदक खरीदने के साथ-साथ इन्हें अपने परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में प्रसाद के रूप में भी बांटते हैं।
नासिक के बाजारों में इस समय मोदक की कई किस्में उपलब्ध हैं। इनमें स्टीम्ड उकडीचे मोदक, फ्राइड मोदक, मावा मोदक और चॉकलेट मोदक प्रमुख रूप से पसंद किए जा रहे हैं। पारंपरिक स्वाद पसंद करने वाले लोग उकडीचे और मावा मोदक खरीद रहे हैं, जबकि नई किस्मों में रुचि रखने वाले ग्राहकों के बीच चॉकलेट मोदक भी लोकप्रिय हैं। इन सभी विकल्पों के बीच सोने और चांदी के वर्क से सजाए गए रॉयल मोदकों ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
रॉयल मोदकों की कीमत 27 हजार रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। इतनी ऊंची कीमत की मुख्य वजह इनके ऊपर इस्तेमाल किया गया खाने योग्य सोने और चांदी का वर्क तथा इनकी प्रीमियम प्रस्तुति मानी जा रही है। इन मोदकों को खास तरीके से सजाया गया है, जिससे वे सामान्य मिठाई के बजाय किसी कीमती उपहार की तरह दिखाई देते हैं। त्योहार के मौके पर कुछ लोग पूजा और विशेष उपहार के लिए इस तरह के महंगे मोदकों को पसंद कर रहे हैं।
गणेशोत्सव के दौरान मोदक केवल मिठाई नहीं, बल्कि श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक भी माने जाते हैं। भक्त अपनी क्षमता और पसंद के अनुसार अलग-अलग प्रकार के मोदक खरीदकर भगवान गणेश को चढ़ाते हैं। कहीं घरों में पारंपरिक तरीके से मोदक बनाए जा रहे हैं तो कहीं बाजार से तैयार मोदक खरीदे जा रहे हैं। बदलते समय के साथ मिठाई कारोबारियों ने भी मोदक के स्वाद और सजावट में कई प्रयोग किए हैं।
पहले मोदक मुख्य रूप से चावल के आटे, नारियल और गुड़ से तैयार किए जाते थे। आज बाजार में मावा, चॉकलेट और अलग-अलग सजावट वाले मोदक भी दिखाई देते हैं। इसके बावजूद पारंपरिक उकडीचे मोदक का महत्व बना हुआ है। वहीं इस साल चर्चा में आए रॉयल मोदक यह दिखाते हैं कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों को आकर्षक और प्रीमियम रूप देने का चलन भी बढ़ रहा है।
रॉयल मोदकों को लेकर लोगों में उत्सुकता का एक कारण इनकी कीमत भी है। सामान्य मिठाइयों और मोदकों की तुलना में 27 हजार रुपये प्रति किलो की कीमत बेहद अधिक है। यही वजह है कि बाजार में आने वाले ग्राहक इन्हें देखने और इनके बारे में जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनके ऊपर लगा सोने और चांदी का वर्क रोशनी में चमकता है और इन्हें विशेष रूप प्रदान करता है।
हालांकि इन मोदकों की बिक्री, इन्हें बनाने वाली दुकान और ग्राहकों की ओर से दिए गए ऑर्डर की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन्हें सीमित संख्या में तैयार किया गया है या पूरे गणेशोत्सव के दौरान बेचा जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनकी कीमत 27 हजार रुपये प्रति किलो है और इन्हें खाने योग्य सोने तथा चांदी के वर्क से सजाया गया है।
पूरे नासिक में गणेश चतुर्थी का उत्साह दिखाई दे रहा है। धार्मिक आयोजनों और गणपति स्थापना के साथ मिठाई बाजार में भी गतिविधियां बढ़ी हैं। मोदक की पारंपरिक किस्मों के साथ आधुनिक स्वाद और डिजाइन वाले विकल्प ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। दुकानों पर लोग अपनी जरूरत और बजट के अनुसार मोदक खरीद रहे हैं।
इस वर्ष नासिक के गणेशोत्सव में रॉयल मोदक मिठाई बाजार की सबसे चर्चित पेशकशों में शामिल हो गए हैं। 27 हजार रुपये प्रति किलो की कीमत, सोने-चांदी की सजावट और आकर्षक प्रस्तुति ने इन्हें खास बना दिया है। पारंपरिक आस्था और आधुनिक भव्यता का मिश्रण पेश करने वाले ये मोदक भक्तों तथा ग्राहकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।