गणेशोत्सव पर राज ठाकरे के घर पहुंचे उद्धव, शिवतीर्थ में साथ दिखा पूरा ठाकरे परिवार
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक अलग-अलग रास्तों पर चलने वाले ठाकरे परिवार के दोनों प्रमुख गुट गणेशोत्सव के अवसर पर एक बार फिर साथ दिखाई दिए। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे सोमवार को अपनी पत्नी रश्मि ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के दादर स्थित आवास ‘शिवतीर्थ’ पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर बप्पा का आशीर्वाद लिया।
इस पारिवारिक मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और उनके परिवार के सदस्य भगवान गणेश की आरती और पूजा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पूजा के बाद दोनों परिवारों ने एक साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। गणेशोत्सव के धार्मिक और पारिवारिक माहौल के बीच हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा पैदा कर दी है।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे रिश्ते में चचेरे भाई हैं। दोनों ने लंबे समय तक शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व में साथ काम किया था। बाद में राजनीतिक मतभेद बढ़ने के बाद राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़कर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया। इसके बाद दोनों नेताओं की राजनीतिक राहें अलग हो गई थीं।
शिवतीर्थ में की गणपति की आरती
उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ राज ठाकरे के आवास पहुंचे तो उनका स्वागत किया गया। इसके बाद सभी ने वहां स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा के दर्शन किए। परिवार के सदस्यों ने आरती में भाग लिया और महाराष्ट्र के आराध्य गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया।
सामने आई तस्वीरों में दोनों ठाकरे परिवारों के सदस्य उत्सव के पारंपरिक परिधान में दिखाई दिए। उद्धव और राज ठाकरे के मिलते-जुलते परिधानों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पूजा के बाद परिवार के सदस्यों ने साथ बैठकर बातचीत की। हालांकि, मुलाकात के दौरान किसी औपचारिक राजनीतिक चर्चा की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राज ठाकरे ने इस दौरान उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे तेजस ठाकरे का हालचाल भी पूछा। इससे यह मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक माहौल में हुई दिखाई दी। उद्धव ठाकरे इससे पहले भी गणेशोत्सव के अवसर पर शिवतीर्थ जाकर राज ठाकरे के घर स्थापित गणपति के दर्शन कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल
ठाकरे परिवार की संयुक्त तस्वीरें सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ सहित दूसरे प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा की गईं। समर्थकों ने इसे ठाकरे परिवार की बढ़ती निकटता के रूप में पेश किया। तस्वीरों में दोनों परिवार एक साथ खड़े दिखाई दिए, जिससे उनके बीच व्यक्तिगत संबंधों में आई सहजता का संकेत मिला।
गणेशोत्सव महाराष्ट्र का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व माना जाता है। इस दौरान राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नेता एक-दूसरे के घर गणपति दर्शन के लिए जाते हैं। इसलिए इस मुलाकात को केवल राजनीतिक गठजोड़ के प्रमाण के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। दोनों दलों की ओर से किसी नए राजनीतिक समझौते की घोषणा नहीं की गई है।
इसके बावजूद उद्धव और राज ठाकरे का बार-बार साथ दिखाई देना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक अटकलों को हवा दे रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे नाम का बड़ा प्रभाव है। ऐसे में दोनों नेताओं की प्रत्येक मुलाकात को आगामी चुनावों और संभावित गठबंधन के संदर्भ में देखा जाता है।
बढ़ती नजदीकियों पर सियासी नजर
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच पिछले कुछ समय से नजदीकियां बढ़ती दिखाई दी हैं। दोनों नेता मराठी भाषा, स्थानीय अस्मिता और महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर साझा मंच पर भी आ चुके हैं। जुलाई 2025 में दोनों ने मुंबई में आयोजित ‘आवाज मराठीचा’ कार्यक्रम में लगभग दो दशक बाद एक साथ मंच साझा किया था।
इसके बाद से शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि, दोनों दलों ने अभी तक किसी स्थायी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं की है। स्थानीय निकाय और आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच संभावित सीट बंटवारे और साझा रणनीति की अटकलें लगती रही हैं।
सोमवार की मुलाकात को भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका प्रमुख उद्देश्य गणपति दर्शन और पारिवारिक मेल-मिलाप था। पूजा के दौरान न तो कोई राजनीतिक बयान दिया गया और न ही चुनावी गठबंधन से जुड़ी कोई घोषणा सामने आई।
पिछले वर्ष भी पहुंचे थे उद्धव
उद्धव ठाकरे ने पिछले वर्ष भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर राज ठाकरे के शिवतीर्थ आवास पर जाकर भगवान गणेश के दर्शन किए थे। इस वर्ष फिर परिवार के साथ पहुंचकर उन्होंने उस परंपरा को जारी रखा। मराठी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उद्धव, रश्मि और आदित्य ठाकरे ने राज ठाकरे के परिवार के साथ आरती में हिस्सा लिया।
राज ठाकरे कुछ वर्ष पहले अपने पुराने आवास ‘कृष्णकुंज’ से शिवतीर्थ में रहने पहुंचे थे। दादर स्थित यह घर महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम और प्रमुख नेताओं की मुलाकातों के कारण अक्सर चर्चा में रहता है। गणेशोत्सव के दौरान यहां राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
फिलहाल यह मुलाकात पारिवारिक और धार्मिक अवसर तक सीमित बताई जा रही है। फिर भी दोनों ठाकरे परिवारों की संयुक्त तस्वीर ने उनके समर्थकों में उत्साह बढ़ाया है। अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि गणेशोत्सव में दिखाई दी यह पारिवारिक निकटता भविष्य में किसी औपचारिक राजनीतिक साझेदारी का रूप लेती है या नहीं।