Maharashtra महाराष्ट्र: मंत्री उदय सामंत ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई, विपक्ष अब यह मांग कर रहा है कि चुनाव को स्थगित किया जाए। सामंत ने आरोप लगाया कि यह रवैया साफ दिखाता है कि उन्हें अपनी भारी हार का डर सताने लगा है।
उदय सामंत ने कहा, “पहले विपक्ष लगातार BMC चुनाव कराने की मांग कर रहा था। अब जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो वे खुद कह रहे हैं कि चुनाव न कराया जाए। यह उनकी राजनीतिक घबराहट और पराजय की आशंका का स्पष्ट संकेत है।”
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष जानता है कि इस बार जनता उन्हें पूरी तरह नकारने वाली है, क्योंकि उनके पास न तो कोई ठोस एजेंडा है और न ही शहर के विकास की कोई दृष्टि। “मुंबईकर अब विकास की राजनीति चाहते हैं, न कि झूठे वादों और भ्रष्टाचार की,” सामंत ने कहा।
शिवसेना (शिंदे गुट) का आत्मविश्वास
सामंत ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा का गठबंधन BMC चुनाव में शानदार प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि “शहर की जनता जानती है कि पिछले कई वर्षों से मुंबई में कौन-सा दल सिर्फ सत्ता के लिए राजनीति करता रहा है और कौन वास्तव में जनता के बीच काम कर रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “हमने मुंबई में जल निकासी, सड़क, और स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक काम किया है। हमने बीएमसी में पारदर्शिता लाने का वादा किया था, और अब समय आ गया है कि जनता भी उसी बदलाव का समर्थन करे।”
विपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप
उदय सामंत ने कहा कि पूर्ववर्ती बीएमसी प्रशासन में “भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद” चरम पर था। उन्होंने आरोप लगाया कि “विपक्ष की असली चिंता चुनाव नहीं, बल्कि उनकी भ्रष्टाचार की फाइलें हैं, जो अब खुलने वाली हैं।” सामंत ने कहा कि अगर जनता ने उन्हें सत्ता से दूर रखा, तो “उनका राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।”
बीएमसी चुनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। यह चुनाव राज्य के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि बीएमसी का बजट कई छोटे राज्यों के बजट से भी बड़ा होता है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, जबकि विपक्षी दलों में आपसी मतभेद और रणनीति की उलझनें सामने आ रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीएमसी चुनाव न केवल मुंबई की राजनीति का दिशा तय करेगा, बल्कि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर भी इसका असर पड़ेगा।
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