कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीन तीर्थयात्री लापता, परिवारों में बढ़ी चिंता
मुंबई। नेपाल में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र के तीन तीर्थयात्रियों के लापता होने की खबर से उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। ये तीनों यात्री पिछले तीन दिनों से अपने परिजनों के संपर्क में नहीं हैं। लगातार कोशिशों के बावजूद जब उनसे बातचीत नहीं हो सकी तो परिवारों ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
लापता तीर्थयात्री महाराष्ट्र के कल्याण और डोंबिवली क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार, यात्रा के दौरान उनसे संपर्क टूट गया है और फिलहाल उनकी सही स्थिति और लोकेशन की जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की है।
तीनों तीर्थयात्रियों की हुई पहचान
लापता यात्रियों में कल्याण पश्चिम निवासी संजय राजमल पाटिल (60) और उनकी पत्नी नलिनी संजय पाटिल (56) शामिल हैं। इसके अलावा डोंबिवली पूर्व के निलजे स्थित कसारीओ सोसाइटी में रहने वाले सुनील सुदर्शन सुभेदार (68) भी लापता बताए जा रहे हैं।
सुनील सुभेदार मूल रूप से नागपुर के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में डोंबिवली क्षेत्र में रह रहे थे। तीनों ही कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। धार्मिक महत्व वाली इस यात्रा के दौरान संपर्क टूटने से परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
तीन दिनों से नहीं हो पाया संपर्क
परिवार के सदस्यों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से वे लगातार तीर्थयात्रियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मोबाइल नंबरों पर कॉल करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल रहा है। न ही किसी तरह की बातचीत हो पाई है।
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने इसे नेटवर्क की समस्या माना, लेकिन लंबे समय तक संपर्क नहीं होने के बाद चिंता बढ़ गई। अब परिवार यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि तीनों यात्री कहां हैं और किस स्थिति में हैं।
नेपाल में यात्रा के दौरान बढ़ी चिंता
कैलाश मानसरोवर यात्रा को कठिन और चुनौतीपूर्ण धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। इस दौरान यात्रियों को पहाड़ी क्षेत्रों, खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों से संपर्क टूटने पर परिवारों की चिंता स्वाभाविक है।
नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों में कई बार मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी सामने आती है। हालांकि, तीन दिनों से कोई संपर्क नहीं होने के कारण परिवारों ने मामले को गंभीरता से लिया है।
प्रशासन से मदद की उम्मीद
तीर्थयात्रियों के परिवार अब प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से सहायता की उम्मीद कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जल्द से जल्द उनकी लोकेशन का पता लगाया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। परिवारों की ओर से यात्रा आयोजकों और संबंधित लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि तीर्थयात्रियों की स्थिति के बारे में कोई जानकारी मिल सके।
परिवारों में चिंता का माहौल
संजय पाटिल, नलिनी पाटिल और सुनील सुभेदार के परिवारों में इस समय चिंता और बेचैनी का माहौल है। परिजन लगातार फोन और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
परिवारों का कहना है कि वे किसी भी तरह की सूचना का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही तीनों तीर्थयात्रियों के बारे में सकारात्मक जानकारी मिलेगी और वे सुरक्षित वापस लौटेंगे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा में सुरक्षा अहम
कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी होने के साथ-साथ शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी होती है। यात्रा मार्ग में ऊंचाई, मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। इसलिए यात्रा के दौरान सुरक्षा और नियमित संपर्क बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल तीनों तीर्थयात्रियों की तलाश और उनके बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। परिवार और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उनकी सुरक्षित वापसी की खबर मिलेगी।