RANCHI रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस्तीफे की मांग की है। बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आरोप तय होने के बाद मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अब हेमंत सोरेन इस मामले में ट्रायल का सामना करेंगे और पूरा मामला झारखंड में ही सुना जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पद छोड़ने की मांग करते हुए इसे नैतिकता का सवाल बताया। उनके बयान को बीजेपी के राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, रांची की विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) अदालत ने बुधवार, 30 सितंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं इलाके की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय किए। सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए। आरोप पढ़े जाने के बाद उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया।
मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया है कि जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर संपत्ति का अवैध तरीके से अधिग्रहण किया गया। हेमंत सोरेन इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। अदालत में आरोप तय होने का अर्थ यह है कि अब मामले में मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी; यह अपने आप में दोष सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं है।
इस मामले में कुल 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख तय की गई है। वहीं, बीजेपी की ओर से सामने आए बयान के बाद झारखंड की राजनीति में इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अब ट्रायल के अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है।
Tags: