Maharashtra महाराष्ट्र: हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (HPEA) ने साफ किया है कि देश में प्याज की कमी का कोई खतरा नहीं है, क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्यों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। संगठन के अनुसार, वर्तमान बाजार स्थिति को देखते हुए सप्लाई को लेकर किसी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है।

हॉर्टिकल्चरल प्रोड्यूस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और दक्षिण भारत के प्रमुख प्याज की स्थिति का विस्तृत आकलन करने के बाद यह निष्कर्ष जारी किया है।

एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट विकास सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में बाजार में भले ही कम क्वालिटी वाला प्याज ज्यादा मात्रा में आ रहा हो, लेकिन बेहतर क्वालिटी वाला प्याज अभी भी बड़े पैमाने पर भंडारित है।

विकास सिंह ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट को ईमेल भेजकर मौजूदा बाजार स्थिति की जानकारी साझा की है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है।

रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में बड़ी मात्रा में प्याज का स्टोरेज उपलब्ध है, जिससे सप्लाई में किसी प्रकार की कमी की संभावना नहीं है।

दक्षिण भारत के प्याज में भी स्थिति स्थिर बताई गई है और वहां भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

एसोसिएशन ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में बाजार में प्याज की कुल आवक में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसकी असर आपूर्ति पर गंभीर रूप से नहीं पड़ा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अच्छी क्वालिटी वाला प्याज अभी स्टोरेज में रखा गया है और इसे बाजार में तब उतारा जाएगा जब मांग उतनी या हल्की आवक कम होगी। इससे हालात और सप्लाई में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर HPEA के आकलन के अनुसार, देश में प्याज की आपूर्ति पर्याप्त है और आने वाले समय में भी किसी बड़े संकट की संभावना नहीं है।

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