Maharashtra महाराष्ट्र। मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटियों से जुड़े मामले को लेकर मंदिर प्रशासन ने कार्रवाई की जानकारी दी है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदानंद शंकर सर्वणकर ने कहा कि इस मामले में किसी शाखा या संस्था पर आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि जांच के बाद संबंधित लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। सदानंद शंकर सर्वणकर ने कहा कि यह मामला एक बड़े गिरोह की तरह काम करने वाले कुछ लोगों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी होने के बावजूद उनकी गतिविधियां संगठित तरीके से चल रही थीं। वे अलग-अलग स्थानों से दान पेटियां एकत्र कर उन्हें तीसरी मंजिल पर ले जाते थे, जहां कथित रूप से पैसों से छेड़छाड़ की जाती थी।
मंदिर अध्यक्ष ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुराने कर्मचारियों की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को हटाया गया और उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। उन्होंने कहा कि मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कराई गई और दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं के विश्वास और दान व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले भक्तों की ओर से दिया गया हर दान महत्वपूर्ण है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मंदिर प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, कर्मचारियों की जांच और दान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। सिद्धिविनायक मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।