जलगांव में 153वां श्रीराम रथोत्सव धूमधाम से संपन्न, एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
Jalgaon जलगांव: एकादशी के पावन अवसर पर रविवार को जलगांव श्रीराम मंदिर संस्थान में 153वां श्रीराम रथोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और परंपरागत तरीके से मनाया गया। यह आयोजन जिले के सबसे पुराने धार्मिक उत्सवों में से एक माना जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से भगवान श्रीराम के दर्शन और रथयात्रा में सम्मिलित होने पहुंचे। पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण व्याप्त रहा, मंदिर परिसर में भक्ति संगीत, भजन-संध्या और प्रसाद वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भगवान श्रीराम, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान जी की आकर्षक झांकी को फूलों से सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया। जैसे ही रथयात्रा का शुभारंभ हुआ, "जय श्रीराम" और "सीता-राम" के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पर्व में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत वेद मंत्रों और शंखनाद के साथ हुई। मंदिर के पुजारियों ने भगवान श्रीराम की विशेष पूजा-अर्चना की, जिसके बाद पारंपरिक रूप से रथ खींचने की रस्म संपन्न हुई। श्रद्धालु हाथों में नारियल, अगरबत्ती और फूल लेकर भगवान की आराधना करते नजर आए। मंदिर समिति की ओर से बताया गया कि यह आयोजन पिछले 153 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो जलगांव की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
शहर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भी इस विशाल आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए। कई स्वयंसेवी संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद और चिकित्सा सहायता की सुविधाएं उपलब्ध कराईं। शाम के समय मंदिर प्रांगण में दीप प्रज्वलन और आरती का आयोजन हुआ, जिसके बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि रथोत्सव न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकता और सद्भाव का प्रतीक भी है। हर वर्ग, हर उम्र के लोग इस आयोजन में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।