Maharashtra महाराष्ट्र: ठाणे में नगर निकाय के दो कॉर्पोरेटर ने एक भावनात्मक और सराहनीय निर्णय लेते हुए अपने पूरे कार्यकाल की सैलरी अग्निकांड में जान गंवाने वाले दो सिविक कर्मचारियों के परिवारों को देने का वादा किया है। यह फैसला पिछले महीने बाजार में लगी भीषण आग को बुझाने के दौरान हुई दुखद घटना के बाद लिया गया।

ठाणे नगर निगम के कम से कम दो कॉर्पोरेटरों ने घोषणा की है कि वे अगले पांच साल तक अपनी पूरी सैलरी उन कर्मचारियों के परिवारों को देंगे, जो आग बुझाने के दौरान अपनी जान गंवा दी थी।

साथ ही, नगर निकाय ने इन दोनों कर्मचारियों को “शहीद” का दर्जा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह जानकारी शुक्रवार को शिवसेना के एक नेता ने मीडिया को दी।

शिवसेना ग्रुप लीडर पवन कदम ने बताया कि हाउस लीडर हनुमंत जगदाले और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता नजीब मुल्ला ने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया है कि वे अपने बचे हुए पांच साल के कार्यकाल के दौरान मिलने वाली पूरी कॉर्पोरेटर सैलरी पीड़ित परिवारों को देंगे।

यह कदम उस समय सामने आया है जब पिछले महीने ठाणे के एक बाजार में आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के दौरान नगर निकाय के दो कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए राहत और बचाव कार्य किया, लेकिन इसी दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद शहर में शोक का माहौल रहा और इन कर्मचारियों की बहादुरी की व्यापक सराहना की गई। नगर प्रशासन ने भी उनके योगदान को सम्मान देने के लिए कई स्तरों पर विचार-विमर्श शुरू किया था।

कॉर्पोरेटरों के इस फैसले को स्थानीय स्तर पर एक मानवीय और संवेदनशील कदम के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इससे पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी मिलेगा।

नगर निकाय के अनुसार, शहीद दर्जे से जुड़े प्रस्ताव पर आगे की औपचारिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएंगी। वहीं, दोनों नेताओं के इस निर्णय की शहर में सराहना हो रही है।

फिलहाल यह मामला ठाणे में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे स्थानीय प्रशासनिक इतिहास में एक भावनात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। 

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