महाराष्ट्र। गांव की खराब सड़क और रोजमर्रा की परेशानी को लेकर दो स्कूली छात्रों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और अपनी समस्या लोगों तक पहुंचाई। पेंगलवाड़ी गांव के दो छात्रों की बनाई गई एक रील इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में छात्रों ने स्कूल जाते समय गड्ढों और कीचड़ से होने वाली परेशानियों को दिखाया है।

रील वायरल होने के बाद दोनों छात्र स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए हैं। लोगों ने उनकी पहल की सराहना की है और गांव की सड़क सुधारने की मांग भी तेज हो गई है।

पेंगलवाड़ी गांव के रहने वाले आदित्य गोरे और स्मिता शिध ने अपने गांव की खराब सड़क की स्थिति को दिखाने के लिए यह वीडियो बनाया। दोनों छात्र जिला परिषद स्कूल में पढ़ते हैं और रोजाना इसी खराब रास्ते से होकर स्कूल पहुंचते हैं।

वीडियो में छात्रों ने बताया कि गांव की सड़क लंबे समय से खराब हालत में है। जगह-जगह बने गड्ढों और बारिश के बाद जमा होने वाले कीचड़ के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी होती है।

रील में छात्र कहते नजर आ रहे हैं कि, "हमारे गांव की सड़क गड्ढों से भरी है। कोई ध्यान नहीं देता। स्कूल जाते समय हमारे कपड़े कीचड़ से भर जाते हैं। हमें एक अच्छी सड़क चाहिए।"

छात्रों ने वीडियो के माध्यम से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान गांव की समस्या की ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पेंगलवाड़ी गांव की सड़क की हालत कई वर्षों से खराब है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी होती है।

स्कूल जाने वाले छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार गड्ढों और कीचड़ के कारण उनके कपड़े खराब हो जाते हैं और उन्हें समय पर स्कूल पहुंचने में भी परेशानी होती है।

छात्रों के माता-पिता भी लंबे समय से सड़क सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और खराब सड़क के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

आदित्य और स्मिता ने अपनी रील के जरिए इसी समस्या को सामने रखा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसे साझा किया और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रों ने अपनी रचनात्मक सोच के जरिए एक गंभीर समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बिना किसी बड़े माध्यम के अपनी बात हजारों लोगों तक पहुंचाई है।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच यह रील ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को सामने लाने का एक उदाहरण बन गई है। इससे पहले भी कई बार स्थानीय लोगों ने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर खींचा है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि छात्रों की इस पहल के बाद सड़क की मरम्मत या निर्माण को लेकर जल्द कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन की ओर से अभी तक सड़क सुधार को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन छात्रों की वायरल रील ने इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के विकास के लिए बेहतर सड़क व्यवस्था जरूरी है। सड़क खराब होने का असर केवल आवाजाही पर नहीं पड़ता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं पर भी असर पड़ता है।

छात्रों की इस पहल की सोशल मीडिया पर जमकर प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि कम उम्र में दोनों छात्रों ने अपने गांव की समस्या को जिस तरीके से उठाया है, वह प्रेरणादायक है।

अब देखना होगा कि वायरल हुई इस रील के बाद प्रशासन गांव की सड़क सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।

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