IIMUN के मंच पर युवाओं की भागीदारी को लेकर सचिन पायलट ने किया उत्साहजनक विचार-विमर्श
Mumbai मुंबई: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भारतीय अंतरराष्ट्रीय मॉडल यूनिवर्सिटी (IIMUN) के कार्यक्रम में भाग लेते हुए युवाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि IIMUN हमेशा से ही युवाओं को समाज में सक्रिय योगदान देने के अवसर प्रदान करने में अग्रणी रहा है। सचिन पायलट ने अपने वक्तव्य में बताया, "आज की बातचीत, हमेशा की तरह, बेहद रोचक रही। मुझे युवा वर्ग से बात करना बहुत पसंद है। उनके पास अनगिनत सवाल होते हैं और उनके पास समाज के लिए योगदान देने की अद्भुत क्षमता भी है। IIMUN की खासियत यह है कि यह युवाओं को पूरे कार्यक्रम का प्रबंधन करने का अधिकार और जिम्मेदारी देता है। शुरू से अंत तक वे पूरी तरह से इस कार्यक्रम के स्वामी होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के प्लेटफॉर्म युवाओं को निर्णय लेने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामूहिक कार्य कौशल सीखने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। "जब युवा अपने विचारों को खुले मंच पर प्रस्तुत करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चर्चाओं में भाग लेते हैं, तो उनका दृष्टिकोण और सोच व्यापक बनती है। यही अनुभव उन्हें भविष्य में मजबूत नेतृत्वकर्ता बनाता है," पायलट ने जोड़ा। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शिक्षा, नीति, वैश्विक मुद्दों और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। सचिन पायलट ने इस अवसर पर युवाओं की जिज्ञासा और उनके प्रगतिशील दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग में विचारों की विविधता और रचनात्मकता होती है, जिसे सुनना और समझना न केवल नेताओं के लिए उपयोगी है, बल्कि समाज के लिए भी लाभकारी है।
IIMUN के आयोजकों ने भी कार्यक्रम में युवाओं के आत्मनिर्भर और सक्रिय दृष्टिकोण को उजागर किया। आयोजन समिति ने बताया कि इस मॉडल यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं है, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर के नेतृत्व और संवाद कौशल सिखाना है। पूरे कार्यक्रम का प्रबंधन और आयोजन स्वयं छात्र करते हैं, जिससे उनकी संगठनात्मक क्षमता और समय प्रबंधन कौशल भी विकसित होता है। सचिन पायलट ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म युवाओं को न केवल अपने विचार व्यक्त करने का अवसर देते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व के महत्व से भी परिचित कराते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि युवाओं की भागीदारी से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों और प्रतिभागियों ने सचिन पायलट से विभिन्न सवाल पूछे, जिसमें शिक्षा प्रणाली में सुधार, महिला सशक्तिकरण, रोजगार के अवसर और डिजिटल इंडिया की प्रगति जैसे विषय शामिल थे। पायलट ने हर सवाल का धैर्यपूर्वक उत्तर दिया और युवाओं को प्रेरित किया कि वे समाज की चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं। IIMUN के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मंच पर युवाओं को नेतृत्व, बहस और संवाद कौशल सीखने का अवसर प्रदान करता है। यह अनुभव उन्हें भविष्य में नीति-निर्माण, सामाजिक कार्य और वैश्विक मंच पर प्रभावी भूमिका निभाने में सहायक होता है।
सचिन पायलट ने अंत में कहा, "युवाओं में अनंत संभावनाएं हैं। यदि उन्हें सही दिशा, समर्थन और अवसर मिलें, तो वे न केवल अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, बल्कि समाज और देश के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। IIMUN जैसी पहल इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने पायलट का धन्यवाद किया और आशा जताई कि भविष्य में भी ऐसे मंच युवाओं को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व और संवाद का प्रशिक्षण देते रहेंगे।