Pune : पुरंदर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण तेज, 30% भूमि पर समझौता पूरा
Maharashtra महाराष्ट्र: पुणे जिले में प्रस्तावित छत्रपति संभाजी राजे इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आई है। जिला प्रशासन के अनुसार पुरंदर क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक जमीन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा किसानों के साथ समझौते के जरिए हासिल कर लिया गया है।
Purandar में बन रहे इस प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए कुल 1,216 हेक्टेयर यानी लगभग 3,040 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। यह भूमि सात गांवों में फैली हुई है, जिसे परियोजना के लिए अधिग्रहित किया जा रहा है।
पुणे के जिला कलेक्टर Jitendra Dudi ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सीधे 115 करोड़ रुपये का मुआवजा ट्रांसफर किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भुगतान केवल वास्तविक भूमि मालिकों को किया जा रहा है, न कि उन निवेशकों को जिनके पास परियोजना क्षेत्र में भूमि हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 1.61 करोड़ रुपये मुआवजा मिलने की संभावना है। यह दर क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े भूमि मुआवजा पैकेजों में से एक मानी जा रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और सहमति आधारित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसानों को उचित मुआवजा मिल सके और परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत के बाद कई गांवों में समझौते की प्रक्रिया सफल रही है।
Purandar एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को क्षेत्रीय विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके निर्माण से न केवल पुणे की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास की भी उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार शेष भूमि के अधिग्रहण के लिए भी बातचीत जारी है और आने वाले समय में समझौते की प्रक्रिया और तेज की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि किसानों की सहमति और उचित मुआवजा इस परियोजना की सफलता की मुख्य आधारशिला है।
इस परियोजना को राज्य सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल किया गया है और इसे भविष्य में पश्चिमी महाराष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है। फिलहाल प्रशासन का ध्यान भूमि अधिग्रहण को जल्द और सुचारू रूप से पूरा करने पर केंद्रित है।