Lalbaugcha राजा 2026 गणेशोत्सव की तैयारियों की शुरुआत, मुहूर्त पूजन संपन्न

Update: 2026-06-09 06:01 GMT

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र और देशभर के लाखों भक्तों के लिए विशेष महत्व रखने वाले लालबागचा राजा ने मंगलवार, 9 जून, 2026 को 2026 के गणेशोत्सव की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और भक्ति के साथ 'श्री गणेश मुहूर्त पूजन' का आयोजन किया गया, जो हर साल की तरह इस बार भी सुबह 5 बजे मंडल के प्रेसिडेंट बालासाहेब कांबले की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

मुहूर्त पूजन के दौरान मंडल के सदस्यों और भक्तों ने गणेश जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंडल की रसीद बुक की भी पूजा की गई, जिसकी जिम्मेदारी ट्रेजरर मंगेश दलवी ने संभाली। इस कदम के साथ ही इस वर्ष के गणेशोत्सव की फॉर्मल तैयारियों की शुरुआत मानी जा रही है।

लालबागचा राजा को मुंबई के सबसे पूजनीय गणेश प्रतिमाओं में गिना जाता है और लाखों भक्त उन्हें विशेष रूप से इच्छाओं की पूर्ति करने वाले देवता के रूप में मानते हैं। गणेशोत्सव के दौरान भक्तों की भारी भीड़ इस मंदिर परिसर में उमड़ती है और भव्य शोभा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्सव मनाया जाता है।

मंडल के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गणेशोत्सव की तैयारियों में सुरक्षा, साफ-सफाई और भक्तों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूरे मंडप और आसपास के इलाकों को सजाने और रोशनी के इंतज़ाम के साथ-साथ, दर्शन के लिए भक्तों के प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।



मंडल ने पिछले साल की तरह इस वर्ष भी भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं ताकि पूजा-अर्चना में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के उपायों को लेकर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि गणेशोत्सव शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके।

लालबागचा राजा की भव्य मूर्ति के लिए इस वर्ष भी नवीन डिज़ाइन और सजावट की तैयारी की जा रही है। मंडल के अधिकारियों ने कहा कि मूर्ति और मंडप में पारंपरिक और आधुनिक तत्वों का मिश्रण देखने को मिलेगा, जिससे भक्तों के लिए दर्शन का अनुभव और भी आकर्षक और यादगार बने।

मुहूर्त पूजन के अवसर पर उपस्थित भक्तों और मंडल के सदस्यों ने उत्सव की तैयारी में एकता और सहयोग की भावना का प्रदर्शन किया। यह तैयारी दर्शाती है कि लालबागचा राजा का उत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मेलजोल का भी प्रमुख केंद्र है।

मंडल ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में अन्य पूजा और अनुष्ठानों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें सजावट, स्वागत समारोह और भजन-कीर्तन सहित विभिन्न कार्यक्रम शामिल होंगे। भक्तों से अपील की गई है कि वे इस महापर्व के दौरान अनुशासन बनाए रखें और सामाजिक दूरी तथा अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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