नांदेड़: पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच जारी है। कई जांच एजेंसियों की पूछताछ के बाद भी पुलिस अब तक हमले के पीछे की ठोस वजह का पता नहीं लगा पाई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमला कथित तौर पर निहंग पंथ से जुड़े एक व्यक्ति ने किया था।
सुखबीर सिंह बादल, जिन्हें केंद्र सरकार की ओर से Z+ सुरक्षा मिली हुई है, गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के अंदर हमले का शिकार हुए। पुलिस के अनुसार, जसपाल सिंह नाम के एक व्यक्ति ने धार्मिक खंजर यानी कृपाण से उन पर हमला करने की कोशिश की। आरोपी की उम्र लगभग 60 से 62 वर्ष बताई जा रही है।
घटना के बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया। बादल को सुरक्षा घेरे में सुरक्षित बाहर निकाला गया और घटना की जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं। हालांकि, अब तक पूछताछ में ऐसा कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, जिससे हमले की वास्तविक वजह का पता चल सके। जांच एजेंसियां आरोपी की पृष्ठभूमि, उसकी गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।
जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या आरोपी ने यह हमला किसी व्यक्तिगत कारण, धार्मिक भावना, राजनीतिक विरोध या किसी अन्य उद्देश्य से किया था। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि सुखबीर सिंह बादल को Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते कार्रवाई की और आरोपी को तुरंत काबू में कर लिया।
नांदेड़ पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियां भी मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारी आरोपी के बयान, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य जानकारियों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी जसपाल सिंह से लंबी पूछताछ की गई है, लेकिन उसने अब तक ऐसा कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, जिससे हमले की मंशा सामने आ सके। जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल ने घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा और जांच को लेकर गंभीरता से कदम उठाने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि हमले के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
सुखबीर सिंह बादल पंजाब की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वह लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व में सक्रिय रहे हैं और राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
नांदेड़ गुरुद्वारे में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है। खासतौर पर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आरोपी से पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं के बाद ही हमले के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।
जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्कों और पिछले व्यवहार की भी जांच कर सकती हैं। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, हमले की वजह और आरोपी की मंशा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।