परभणी में आएगा 1622 करोड़ का निवेश, 15 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार परभणी जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने जिले में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को प्राथमिकता दी है। इसी दिशा में परभणी में आयोजित इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, विभिन्न उद्योगों के माध्यम से परभणी जिले में 1,622 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की संभावना है। इस निवेश से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
परभणी इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस में कुल 162 उद्यमियों के साथ समझौता ज्ञापन किए गए। इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद जिले में 15,617 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि यह निवेश परभणी के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस अवसर पर राज्य मंत्री और परभणी की गार्जियन मिनिस्टर मेघना सकोरे-बोरदिकर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बड़े उद्योगों को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि जिले में निवेश बढ़ने से छोटे और मध्यम उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इन उद्योगों की आधारशिला रखने का कार्यक्रम दशहरे तक आयोजित किया जाएगा। सरकार चाहती है कि जिन परियोजनाओं के लिए समझौते हुए हैं, उन पर जल्द से जल्द काम शुरू हो ताकि रोजगार और विकास का लाभ लोगों तक पहुंच सके।
मेघना सकोरे-बोरदिकर ने कहा कि परभणी में उद्योगों के विस्तार के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। बेहतर सड़क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से उद्योगों के लिए जिले में काम करना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि निवेश आने से जिले में युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लोगों की आय में वृद्धि होगी।
परभणी जैसे जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार का मानना है कि केवल बड़े शहरों तक उद्योगों को सीमित रखने के बजाय छोटे जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है।
इस निवेश सम्मेलन को जिले के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे परिवहन, सेवा क्षेत्र, व्यापार और स्थानीय बाजार को भी फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार लगातार राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य महाराष्ट्र को उद्योगों के लिए पसंदीदा स्थान बनाए रखना है।
परभणी में हुए समझौतों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में आने वाले उद्योग कृषि आधारित, विनिर्माण, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हो सकते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निवेश सम्मेलन के दौरान उद्यमियों ने भी जिले में उपलब्ध संभावनाओं को लेकर रुचि दिखाई। सरकार की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।
औद्योगिक परियोजनाओं की शुरुआत के बाद परभणी में रोजगार, व्यापार और विकास की नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में जिले को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
परभणी इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस के जरिए हुए 162 समझौतों को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब सभी की नजर दशहरे तक होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम और उसके बाद शुरू होने वाली औद्योगिक परियोजनाओं पर है।