Maharashtra महाराष्ट्र: परभणी जिले के पूर्णा क्षेत्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने शनिवार को कस्तूरबा गांधी गर्ल्स स्कूल के हॉस्टल में अचानक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई राज्य भर में चल रहे उस विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना और असुरक्षित खाद्य प्रथाओं पर नियंत्रण स्थापित करना है।
इस निरीक्षण के दौरान FDA अधिकारियों ने हॉस्टल की रसोई, खाद्य भंडारण कक्ष, साफ-सफाई व्यवस्था, पीने के पानी की उपलब्धता और छात्रों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की विस्तृत जांच की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं।
अधिकारियों ने रसोई में उपयोग किए जा रहे कच्चे माल की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति और रसोई परिसर की स्वच्छता का बारीकी से मूल्यांकन किया। इसके साथ ही यह भी जांचा गया कि भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया तय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार हो रही है या नहीं।
FDA अधिकारियों के अनुसार, इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो और उन्हें सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के हॉस्टल में खाद्य सुरक्षा का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां रहने वाले छात्र पूरी तरह संस्थान पर निर्भर होते हैं।
यह अभियान FDA कमिश्नर तुकाराम मुंधे के निर्देशों के तहत राज्य भर में चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत केवल स्कूल और हॉस्टल ही नहीं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का भी नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण टीम में FDA अधिकारी कृष्ण मुले, तुषार घोपे और अन्य सदस्य शामिल थे। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण प्रणाली, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की जांच की।
अधिकारियों ने यह भी पाया कि कई स्थानों पर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने में सुधार की आवश्यकता है। इस पर संबंधित दुकानदारों और संस्थानों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाएं और सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
FDA टीम ने सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को यह भी निर्देश दिया कि वे खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से स्टोर करें और किसी भी प्रकार की मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों का उपयोग न करें। इसके अलावा, उन्हें नियमित रूप से सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के सभी नियमों का पालन करने के लिए कहा गया।
इस अभियान को लेकर प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। खासकर स्कूल और हॉस्टल जैसे स्थानों पर जहां बच्चे रहते हैं, वहां खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस पहल का समर्थन किया है और कहा है कि इस तरह के निरीक्षण से खाद्य गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित निरीक्षण से न केवल मिलावट पर रोक लगती है, बल्कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी जवाबदेही बढ़ती है। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास भी मजबूत होता है।
कस्तूरबा गांधी गर्ल्स स्कूल हॉस्टल में किए गए इस निरीक्षण को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा मामला है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
कुल मिलाकर, FDA का यह अभियान राज्य में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और जनता को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।