नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 10.27 लाख से अधिक नाम कम हो गए हैं। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के अनुसार, जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 51,04,458 से घटकर 40,76,666 रह गई है। यानी संशोधन प्रक्रिया के बाद कुल 10,27,792 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान ऐसे नामों की पहचान की गई, जिनमें कुछ मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए थे, कुछ की मृत्यु हो चुकी थी, कुछ नाम डुप्लिकेट पाए गए और कुछ मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अपने पते पर नहीं मिले। इन नामों को ASDD—Absent, Shifted, Dead and Duplicate यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट श्रेणी में रखा गया है।

हालांकि, अधिकारियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों के मुताबिक ASDD सूची में किसी मतदाता का नाम शामिल होना यह नहीं दर्शाता कि उसका नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से हटा दिया गया है। पात्र मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इसके बाद सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर पात्र नामों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

51 लाख से घटकर 40.76 लाख हुए मतदाता

SIR से पहले नासिक जिले में मतदाताओं की संख्या 51,04,458 थी। पुनरीक्षण के बाद 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 40,76,666 रह गई। इस तरह ड्राफ्ट सूची में 10,27,792 नाम कम हुए हैं।

मतदाता संख्या में इतनी बड़ी कमी सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, ड्राफ्ट सूची अंतिम मतदाता सूची नहीं है। इसलिए वर्तमान आंकड़ों को अंतिम संख्या के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

चुनाव प्रक्रिया में ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करने का उद्देश्य भी यही है कि मतदाता अपने नाम और विवरण की जांच कर सकें तथा यदि कोई गलती या विसंगति हो तो निर्धारित अवधि में दावा या आपत्ति दर्ज करा सकें।

किन लोगों के नाम हटाए गए?

पुनरीक्षण के दौरान जिन नामों को ASDD श्रेणी में रखा गया है, उनमें अलग-अलग कारणों से मतदाता सूची में बने रहने वाले नाम शामिल हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो स्थायी रूप से नासिक से किसी दूसरे स्थान पर चले गए हैं। इसके अलावा ऐसे मतदाताओं के नाम भी चिन्हित किए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

डुप्लिकेट पंजीकरण भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण में एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाया गया, तो ऐसे नामों की भी पहचान की गई। इसके अलावा सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं का पता नहीं लगाया जा सका, उनके नाम भी संबंधित सूची में शामिल किए गए हैं।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि उसमें केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम बने रहें।

ASDD सूची में नाम होना अंतिम फैसला नहीं

इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ASDD सूची में नाम आ जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का मतदाता के रूप में अधिकार स्थायी रूप से समाप्त हो गया है। यदि कोई व्यक्ति पात्र मतदाता है और उसका नाम गलती से हटाया गया है या वह सत्यापन के दौरान उपलब्ध नहीं था, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा पेश कर सकता है।

मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जांचें। यदि नाम मौजूद नहीं है या विवरण में किसी तरह की गलती है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति दाखिल की जा सकती है।

इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर दावे की जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जा सकते हैं।

राजनीतिक नजरिए से भी अहम प्रक्रिया

नासिक जिले में मतदाता संख्या में 10 लाख से अधिक की कमी राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनावों में मतदाता सूची सबसे बुनियादी दस्तावेज होती है और उसमें होने वाले बदलाव का सीधा असर मतदान प्रक्रिया पर पड़ता है।

ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में नाम कम होने के बाद यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम किसी तकनीकी या सत्यापन संबंधी कारण से बाहर न रह जाएं। दूसरी ओर, मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाना भी एक साफ-सुथरी और अद्यतन मतदाता सूची के लिए जरूरी प्रक्रिया मानी जाती है।

अंतिम सूची से पहले अभी बाकी है प्रक्रिया

31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के आंकड़े अंतिम नहीं हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज होने के बाद चुनाव अधिकारियों द्वारा उनकी जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

इसलिए फिलहाल नासिक में मतदाताओं की संख्या 40,76,666 मान लेना उचित नहीं होगा। दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद यह संख्या बढ़ सकती है।

नासिक के मतदाताओं के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें। जिन पात्र मतदाताओं का नाम सूची में नहीं है या जिन्हें ASDD श्रेणी में रखा गया है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। SIR के बाद सामने आए 10.27 लाख से अधिक नामों की कमी के बीच अब अंतिम सूची पर सभी की नजर रहेगी।

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