मुंबई। महाराष्ट्र में मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। स्पेशल रिवीजन कार्यक्रम के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 26 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य जानकारियां जांच लें और जरूरत पड़ने पर निर्धारित समय के भीतर सुधार के लिए आवेदन करें।
चुनाव आयोग के इस फैसले से उन लोगों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है या जिनकी व्यक्तिगत जानकारी में कोई गलती दर्ज है। इसके अलावा मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर आपत्ति दर्ज कराने वाले नागरिक भी नई समय-सीमा के भीतर आवेदन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियों की समय-सीमा 26 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सभी पात्र मतदाता अपनी जानकारी सत्यापित करें और जहां भी सुधार की आवश्यकता हो, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करें।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल करना और उपलब्ध रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार करना है। इसके तहत मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरण की जांच कर सकते हैं। जिन लोगों को सूची में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है, वे उसे ठीक कराने के लिए संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष आवेदन कर सकते हैं।
चुनाव आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया 26 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों का निस्तारण 10 नवंबर तक किया जाना है। इसके बाद 16 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
मतदाता सूची में अपना नाम जांचना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि चुनाव के दौरान मतदान करने के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक है। केवल मतदाता पहचान पत्र होने से मतदान का अधिकार सुनिश्चित नहीं होता, यदि व्यक्ति का नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
इस प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिखाई देता, वे पात्रता के अनुसार नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह जिन नागरिकों के नाम की वर्तनी, पते या अन्य जानकारियों में गलतियां हैं, वे सुधार का अनुरोध कर सकते हैं। किसी प्रविष्टि को लेकर आपत्ति भी निर्धारित नियमों के अनुसार दर्ज की जा सकती है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक पोर्टल पर मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। नागरिक इन माध्यमों से अपना नाम जांच सकते हैं और आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मतदाता सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री फडणवीस की अपील का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं को बढ़ी हुई समय-सीमा की जानकारी देना है, ताकि वे अपने विवरण की जांच कर सकें। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
ऐसे में महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए 26 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण है। जिन नागरिकों को अपने नाम या अन्य विवरण में सुधार कराना है, उन्हें अंतिम तारीख से पहले आवश्यक आवेदन जमा करना होगा। समय-सीमा समाप्त होने के बाद संबंधित पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का निर्धारित अवसर समाप्त हो जाएगा।