Navi Mumbai : मेयर ने मोरबे डैम परियोजना का किया निरीक्षण

Update: 2026-05-31 12:23 GMT

Mumbai मुंबई: नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल ने शहर के नागरिकों की पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800222309 शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक आसान और त्वरित माध्यम उपलब्ध कराना है।

मेयर ने आश्वासन दिया है कि सिविक टीमें मौके पर जाकर पानी की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों की जांच करेंगी और जरूरत पड़ने पर पानी के सैंपल लेकर टेस्टिंग भी की जाएगी। इससे नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

यह कदम उस समय उठाया गया है जब कई स्थानीय निवासियों ने शिकायत की थी कि मोरबे डैम की मुख्य पाइपलाइन और वितरण लाइनों के दो दिनों तक बंद रहने के बाद उन्हें गंदे पानी की आपूर्ति मिल रही है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नगर प्रशासन ने तुरंत जांच और सुधारात्मक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की।

स्थिति का स्वयं आकलन करने के लिए मेयर सुजाता पाटिल ने शनिवार को मोरबे डैम परियोजना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सीधे स्रोत से पानी का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण जल आपूर्ति सुविधाओं का जायजा लिया। उनके साथ नगर निगम के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

दौरे के दौरान मेयर ने भोकरपाड़ा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, अगरोली वॉटर रिज़र्वॉयर, पंपिंग स्टेशन और SCADA मॉनिटरिंग सिस्टम का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जल शुद्धिकरण प्रक्रिया, आपूर्ति प्रणाली और निगरानी व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (NMMC) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोरबे डैम से शहर को मिलने वाले पानी को स्रोत से लेकर स्टोरेज रिज़र्वॉयर तक हर चरण पर कड़े ट्रीटमेंट और गुणवत्ता परीक्षण से गुजारा जाता है। अधिकारियों ने बताया कि पानी के सैंपल नियमित रूप से रोजाना जांचे जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी मिले।

नगर प्रशासन का कहना है कि जल आपूर्ति प्रणाली में किसी भी तरह की समस्या को तुरंत ठीक करने के लिए तकनीकी टीम लगातार काम कर रही है। साथ ही, निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें न आएं।

मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता पर लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस पहल के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि नवी मुंबई में पानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और नागरिकों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।

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